इसे महा बिशुबा संक्रांति के रूप में भी जाना जाता है। यह त्योहार नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। इसे हिंदू पंचांग, पंजिका के प्रकाशन के साथ मनाया जाता है। राज्य भर के मंदिरों, नदियों और जलाशयों में श्रद्धालु दर्शन-पूजन और स्नान कर रहे हैं। इस अवसर पर बेल, गुड़ और अन्य सामग्रियों से युक्त विशेष पेय, पाना बनाया जाता है।







