चंदौली शहाबगंज गेहूं क्रय केंद्रों पर बोरे नहीं है जो किसान गेहूं बेचने के लिए पूछता है तो सेंटर प्रभारी बोरा नदारत होने की बात करता है। पीसीएफ सेंटर इलिया खरौझा के साथ हर जगह जिले भर में यही हाल है । गेहूं का बाजार रेट काफी नीचे है इसलिए किसान सरकारी क्रय केंद्रों की तरफ दौड़ रहे हैं। पिछले तीन चार वर्ष बाजार रेट अधिक था इसलिए किसान सेंटरों के कच कच से बच गए थे।
इस वर्ष सेंटरों के भरोसे पर किसान हैं। किसान विकास मंच के संगठन मंत्री राम अवध सिंह ने जिलाधिकारी और डिप्टी आरएमओ आफिस तथा पीसीएफ सेंटर प्रभारी इलिया व मार्केटिंग सेंटर मसोई के प्रभारी से भी सम्पर्क किया। जिले भर के किसान नेताओं से भी पता किया तो जिले भर में यही समस्या मिली।

जिन किसानों का गेहूं तैयार है वो काफी चिंतित हैं। कोई ब्यापारी खरीदने के लिए तैयार नहीं है साथ ही सरकारी क्रय केंद्र भी हाथ उठा रहे हैं। ऐसा भी बताया जा रहा है कि इस समय अमरीका ईरान युद्ध के कारण पेट्रोलियम आवक कम होने के कारण नये बोरे नहीं बन रहे हैं। प्लास्टिक बोरे पेट्रोलियम से ही बनाये जाते हैं। सरकार अब जूट के बोरे खरीद कर गेहूं खरीदने के विकल्प पर विचार कर रही है।
सरकार अगर बोरों का प्रबंध जल्द नहीं करती है तो किसान लामबंद होकर जिलाधिकारी चंदौली का जबरदस्त घेराव करेंगे और तब तक नहीं हटेंगे जब तक जिले के हर सेंटर पर बोरे उपलब्ध नहीं करा दिए जाते।







