लखनऊ !
मोहित लोधी ( UNS न्यूज एजेंसी ) यह मार्मिक तस्वीर आपको अंतर्मन से झकझोर देगी ! यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं बल्कि एक बेबस किसान का दर्द है ! दो दिन पूर्व असमय हुई बारिश के कारण अपने खेत में खड़ी फसल का नुकसान देखकर भावुक पुत्र की आंखों से निकलते आंसुओं को पोंछते हुए
एक पिता अपने पुत्र से शायद यही कह रहा है , तू चिंता न कर मैं हूं न…. एक पुत्र के लिए जीवन की डगर चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हो , कर्मपथ पर आगे बढ़ने के लिए एक पिता का आशीर्वाद ही काफी है !







