चंन्दौली बबुरी परिक्षेत्र में चंद्रप्रभा और गढ़ई नदी के किनारे रहने वाले लोगों को बाढ़ का खतरा सता रहा है। मुगलसराय-चकिया मार्ग में पड़ने वाले इन नदियों के जल निकासी क्षेत्र (छलका) को पाटकर नया रोड बनाया जा रहा है, जिससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों में अनजाना भय बैठ गया है।
उनका कहना है कि यदि कोई बड़ी बाढ़ आई तो जल जमाव की स्थिति काफी लंबी बनी रह सकती है और जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण बाढ़ का पानी काफी ऊंचा हो सकता है, जिससे ऊंचे क्षेत्रों में भी पानी पहुंच सकता है।
इस मामले में जब लोक निर्माण विभाग के एक्सियन कृष्ण कुमार से ग्रामीणों की चिंता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि बाढ़ के खतरे को ध्यान में रखते हुए जो डीपीआर बनाया गया है, उसमें छलकों में जल निकासी हेतु बड़ी-बड़ी पुलिया का निर्माण किया जाएगा, जिससे जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनी रहेगी।
लेकिन स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जब रोड पूरी तरह बन जाएगा, तो फिर खुदाई होगी पुलिया बनाने के लिए। उनका कहना है कि निर्माण कंपनी के अधिकारी सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन जमीन पर काम नहीं हो रहा है।
इस मामले में जब भू वैज्ञानिक डॉक्टर अभिषेक पांडे व संदीप कुमार से बात किया गया तो उन्होंने बताया कि जल निकासी के मार्ग को अवरुद्ध करना बाढ़ के खतरे को बढ़ाता है, इसके साथ ही नदियों के किनारे पढ़ने वाले पारिस्थितिकी तंत्र में भी बदलाव आता है। उनका कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए जल निकासी के मार्ग को खुला रखना चाहिए।
रिपोर्ट – अलीम हाशमी







