टाइप 1 और टाइप 2 मधुमेह की बीमारी को ठीक करने में चीन के विज्ञानियों को ऐतिहासिक सफलता मिली है।
चीन में Tianjin First Central Hospital और Peking University की टीम ने 25 वर्षीय महिला पर स्टेम सेल थेरेपी का सफल प्रयोग किया।
-मरीज की वसा कोशिकाओं को लेकर उन्हें स्टेम सेल में बदला गया।फिर उन्हें इंसुलिन बनाने वाली आइलेट कोशिकाओं में परिवर्तित कर शरीर में प्रत्यारोपित किया गया।
नतीजा:
75 दिनों के भीतर इंसुलिन इंजेक्शन की जरूरत खत्म 1 साल से अधिक समय तक मरीज पूरी तरह इंसुलिन-फ्रीटाइप 2 मधुमेह में भी पहली बार “रिवर्स” का दावा किया गया है।!
16 फरवरी 2026 को चीनी वैज्ञानिकों ने घोषणा की कि स्टेम सेल आधारित थेरेपी से टाइप 2 मधुमेह को भी सफलतापूर्वक उलट दिया गया। यह दुनिया का पहला दावा है जहां टाइप 2 डायबिटीज में मरीज की ब्लड शुगर बिना दवा के नियंत्रित रही।







