वाराणसी।
पान दरीबा रोड स्थित मदरसा-अल-कुरैश मुताल्लिका गोट-मीट डीलर्स एसोसिएशन की बकरा मंडी में मंगलवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सोशल मीडिया पर वायरल एक फोटो के आधार पर गोकशी की अफवाह फैल गई। अफवाह के बाद करीब 50 युवाओं का समूह कुछ हिंदूवादी नेताओं के नेतृत्व में मंडी पहुंचा और जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों से तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की और मारपीट में बदल गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस को तत्काल मोर्चा संभालना पड़ा और हंगामा कर रहे कई युवकों को हिरासत में लेकर थाने भेजा गया।
वायरल फोटो ने भड़काया विवाद
बताया जा रहा है कि एक बकरी की फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई थी, जिसे गोकशी से जोड़कर प्रचारित किया गया। इसी फोटो के आधार पर सुबह करीब 9 बजे युवाओं ने बकरा मंडी पहुंचकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
ADM सिटी और DCP ने मौके पर पहुंचकर किया निरीक्षण
सूचना मिलते ही ADM सिटी आलोक वर्मा और DCP काशी जोन गौरव बंसवाल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पूरी मंडी का निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया।
DCP काशी जोन ने स्पष्ट किया कि चेतगंज थाना क्षेत्र में अवैध बूचड़खाने की सूचना मिली थी, लेकिन जांच में मौके पर केवल पुरानी बकरा मंडी पाई गई, जहां सिर्फ बकरों की खरीद-बिक्री होती है। किसी भी प्रकार का कटान या गोकशी का प्रमाण नहीं मिला।
हालांकि, यह इलाका मंदिर से लगभग दो किलोमीटर दूर होते हुए भी प्रतिबंधित परिधि क्षेत्र में आता है, जहां पशु कटान पर रोक है। वायरल फोटो और छात्रों की तहरीर के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
अफवाह फैलाने वालों पर गिरेगी गाज
पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला पूरी तरह अफवाह का प्रतीत होता है। DCP ने साफ किया कि अफवाह फैलाने के पीछे किसकी साजिश है, इसकी भी गहन जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।
एक वायरल फोटो ने शहर का माहौल गरमा दिया, लेकिन पुलिस जांच में खुली सच्चाई ने पूरे मामले को अफवाह साबित कर दिया। अब सवाल यह है — सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाकर शहर का सौहार्द बिगाड़ने वालों के पीछे कौन है?







