चंदौली जनपद में नशे के सौदागरों के विरुद्ध चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसपी आदित्य लांग्हे के नेतृत्व में पुलिस ने कोडिन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार से अर्जित लगभग 3.50 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को फ्रीज (कुर्क) कर दिया है।
यह बड़ी कार्रवाई थाना मुगलसराय और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम द्वारा NDPS एक्ट की धारा 68 के अंतर्गत की गई। अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चन्द्रशेखर (IPS) के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी पीडीडीयू नगर अरुण कुमार सिंह की उपस्थिति में पुलिस ने आरोपी स्वप्निल केसरी के साम्राज्य पर चोट की है।
अभियुक्त स्वप्निल केसरी (निवासी कृष्णा नगर कॉलोनी, चंधासी) एक शातिर अंतर्राज्यीय तस्कर है, जिसके विरुद्ध कई गंभीर मामले दर्ज हैं:
मुगलसराय थाना: म०अ०सं० 570/25 व 571/25 (BNS एवं NDPS एक्ट की धाराएं)।
वाराणसी कमिश्नरेट: रोहनिया थाने में NDPS के तहत मुकदमा।
सोनभद्र: राबर्ट्सगंज थाने में भी तस्करी के मामले दर्ज।
”अपराध से अर्जित संपत्ति पर पुलिस की पैनी नजर है। नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।” — पुलिस प्रशासन, चंदौली
जांच में यह पाया गया कि आरोपी ने अपने और अपने परिजनों के नाम पर तस्करी की कमाई से बेनामी संपत्तियां खड़ी की थीं। 11 फरवरी को पुलिस ने कुल छह संपत्तियों को चिह्नित कर अधिग्रहित किया,
जिनमें प्रमुख हैं:
संपत्ति का स्थान विवरण अनुमानित मूल्य
ग्राम बेछूपुर मकान संख्या 911 (252.78 वर्ग मीटर) ₹95 लाख
ग्राम बेछूपुर आवासीय भवन (81.93 वर्ग मीटर) ₹25 लाख
अन्य स्थान चंधासी और हरिशंकरपुर में स्थित संपत्तियां शेष राशि
पुलिस की इस कार्रवाई से जनपद के मादक पदार्थ तस्करों के बीच हड़कंप मच गया है। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि अपराध से अर्जित काली कमाई को भी पूरी तरह नेस्तनाबूत किया जाएगा।







