नारी को अबला समझने वाले लोग कभी धरती पर सुकून की जिन्दगी जी नहीं पाए।। एक तरफ मन्दिर में जाकर उस देवी के सामने सर झुकाते हैं क्यूंकि ये पता है कि ये शक्ति है कुछ भी कर सकती हैं लेकिन इन्हें ये पता नहीं कि ये भी नारी है और अपने अनेकों रूप में इस धरती पर नीतू कादयान, जागृति गिरी, प्रीति गुप्ता जैसी लाखों रूप लेकर पैदा हुई है। ये नारी कोई आम नारी नहीं होती हैं उस मन्दिर की देवी ही इस धरती पर रूप बदल कर आई हैं।







