वाराणसी,
भारतीय लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूती देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए वाराणसी में राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक के मुख्य अतिथि आयोग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा रहें। जिनके ओजस्वी और निर्भीक संबोधन ने पूरे पत्रकार जगत में एक नई ऊर्जा भर दी। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में दो टूक शब्दों से कहा कि आज लोकतंत्र की नींव जिन स्तंभों पर टिकी हुई है। उनमें पत्रकारिता सबसे सशक्त स्तंभ है। पत्रकार की कलम जनता और सत्ता के बीच सेतु का काम करती है।
यदि पत्रकार सुरक्षित नहीं है। तो लोकतंत्र भी सुरक्षित नहीं है। शर्मा जी ने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग किसी एक वर्ग या माध्यम तक सीमित नहीं है। बल्कि यह प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब/डिजिटल मीडिया से जुड़े हर एक पत्रकार की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाला एकमात्र राष्ट्रीय मंच बन चुका है। शर्मा जी ने आयोग के मुख्य उद्देश्यों का साझा करते हुए कहा कि आयोग का उद्देश्य है। कि देश के सभी पत्रकारों को एकजुट करके एक सशक्त शक्ति के रूप में स्थापित करना, पत्रकारों की स्थानीय से राष्ट्रीय स्तर तक कि समस्याओं का त्वरित निस्तारण, पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वाभिमान को कानूनी व सामाजिक संरक्षण देना।
पत्रकारिता के मानकों को बनाएं रखते हुए प्रिंट के साथ साथ वेब/डिजिटल मीडिया पत्रकारों को भी सरकारी मान्यता दिलाने के लिए ठोस पहल पत्रकारों से जुड़े हर एक मुद्दे पर सरकार और संबंधित प्राधिकरणों से सीधा संवाद कर समाधान निकालना इस बैठक के बाद यह साफ़ दिखाई देने लगा है। कि राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग तेजी से पत्रकारों की पहली पसंद बनता जा रहा है। जिससे कई तथाकथित पत्रकार संगठनों में खलबली मच गई है। वर्षों से उपेक्षित असुरक्षित और बिखरे पड़े पत्रकारों को पहली बार एक ऐसा मंच मिला है। जो बात नहीं सीधे एक्शन की बात करती है। बैठक में मौजूद पत्रकारों ने एक स्वर में कहा कि अब समय आ गया है।
पत्रकार सिर्फ खबरें नहीं लिखती हैं। बल्कि अपने अधिकारों के लिए भी संगठित होना जानती है। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग आज सिर्फ एक संगठन नहीं बल्कि पत्रकारों की सुरक्षा कवच और आत्मसम्मान की पहचान बन चुका है। मुख्य अतिथि ने देशभर के सभी पत्रकारों से अपिल किया कि आप सभी लोग इस ऐतिहासिक आंदोलन का हिस्सा बने। और अपने हक़ सुरक्षा सम्मान के लिए राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा आयोग से जुड़े।
रिपोर्ट – सुरेश कुमार शर्मा







