ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का ही एक व्यक्ति वर्षों पुराने सार्वजनिक रास्ते पर जबरन निर्माण करा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता सभी की सहमति से बना था, जिसमें गांव के प्रत्येक व्यक्ति ने अपनी-अपनी जमीन दी है
आरोप है कि रास्ते की शुरुआत वाली जगह पर निर्माण कर रास्ता बंद किया जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक यह रास्ता 100 साल से भी अधिक पुराना है और इस जमीन पर पहले से ही स्थगन आदेश लागू है, इसके बावजूद पुलिस की मिलीभगत से कब्जा कराया जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने से नाराज ग्रामीण सुबह से ही डीसीपी गोमती जोन कार्यालय के बाहर डटे हुए हैं और न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
रिपोर्ट – विजयलक्ष्मी तिवारी







