चन्दौली चकिया
क्षेत्र के छित्तमपुर गांव में बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। गांव में पिछले एक महीने से बिजली आपुर्ति पुरी तरह बाधित है, जिससे सैकड़ों परिवार अंधेरे में रहने को लाचार हैं। हालात इतने बदतर हैं कि आज़ादी के दशकों बाद भी ग्रामीणों को लालटेन और मोमबत्ती का सहारा लेना पड़ रहा है।
बिजली होते हुए भी छित्तमपुर गांव अंधेरे में
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बिजली लाइन और कनेक्शन मौजूद हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते नियमित आपूर्ति नहीं की जा रही। कई बार शिकायत के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका आपको बताते चले की
छात्रों की पढ़ाई और ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावितबिजली नहीं होने से छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। वहीं ठण्ड के मौसम में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मोबाइल चार्जिंग, पानी की मोटर और घरेलू कार्य पूरी तरह ठप है
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारी केवल आश्वासन देकर मामला टाल रहे हैं। यदि जल्द बिजली बहाल नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।सरकार की ‘हर घर बिजली’ योजना वनभीषमपुर में सिर्फ कागज़ों तक सिमटी नज़र आ रही है। बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक गांव के लोग अंधेरे में रहने को लाचार रहेंगे







