वाराणसी
पड़ाव से रामनगर एवं रामनगर से पड़ाव, दोनों ओर के मुख्य मार्ग पर लगभग 20 की संख्या में बिजली के जर्जर व जानलेवा खंभे सड़क के बीचो-बीच खड़े हुए हैं। यह स्थिति पिछले लगभग एक वर्ष से बनी हुई है। इस दौरान सड़क निर्माण कार्य भी पूरा हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद बिजली विभाग द्वारा खंभों को अभी तक हटाया नहीं गया है।
मुख्य मार्ग के बीचों-बीच खड़े ये खंभे कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। खासकर ठंड के दिनों में घना कोहरा पड़ने से दृश्यता अत्यंत कम हो जाती है, जिससे दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि विभाग किसी बड़ी दुर्घटना या जनहानि के इंतजार में है, तभी जागेगा।
जनहित और आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आज मैंने और अंबेडकर वाहिनी के उपाध्यक्ष अमन कुमार इन खंभों पर रेडिएशन (लाल रंग के रिफ्लेक्टिव) स्टीकर लगवाने का कार्य कराया, ताकि अंधेरे और कोहरे में वाहन चालकों को कुछ हद तक सतर्क किया जा सके। यह केवल एक अस्थायी व्यवस्था है, स्थायी समाधान नहीं।
बिजली विभाग से मैं यह स्पष्ट रूप से निवेदन करता हूँ कि जल्द से जल्द इन सभी जानलेवा खंभों को मुख्य मार्ग से हटाकर सड़क के किनारे स्थानांतरित किया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से पहले जन-जीवन की रक्षा हो सके।
यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो जनता के हित में आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
रिपोर्ट : रिम्मी कौर
—







