रक्त केंद्र से जुड़े डॉक्टर आशुतोष सिंह ने 1 जनवरी को अपने जन्मदिन के अवसर पर 50वीं बार रक्तदान कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। उनका यह सतत और निस्वार्थ योगदान अब तक अनेक जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनरक्षक सिद्ध हुआ है और समाज के लिए एक प्रेरक उदाहरण बन गया है।
इस पुनीत अवसर पर रजनी गुप्ता एवं कुमार शुभम ने भी स्वेच्छा से रक्तदान कर मानव सेवा में अपना सराहनीय योगदान दिया। सभी रक्तदाताओं का रक्त केंद्र की टीम द्वारा उत्साहवर्धन किया गया।कार्यक्रम में रक्त केंद्र के प्रभारी प्रोफेसर संदीप कुमार, चिकित्सा विज्ञान संस्थान के डीन (रिसर्च) प्रोफेसर गोपाल नाथ, डॉक्टर एस.के. सिंह, डॉक्टर दिनेश सिंह, डॉक्टर जिज्ञासा सिंह , डॉ नीलम सिंह सहित रक्त केंद्र के सभी चिकित्सक, तकनीशियन एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

सभी ने डॉक्टर आशुतोष सिंह को उनकी इस विशेष उपलब्धि पर बधाई दी और उनके दीर्घकालिक योगदान की प्रशंसा की।
प्रोफेसर गोपाल नाथ ने अपने संबोधन में कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा मानव सेवा का कार्य है, जिससे गंभीर रूप से बीमार और आपातकालीन स्थिति में फंसे मरीजों को नया जीवन मिलता है। वहीं प्रोफेसर संदीप कुमार ने कहा कि जन्मदिन जैसे व्यक्तिगत अवसर पर 50वीं बार रक्तदान करना समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायी संदेश है
और इससे युवा वर्ग को नियमित रक्तदान के लिए प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम के अंत में रक्त केंद्र प्रबंधन की ओर से आमजन से अपील की गई कि वे आगे आएं, स्वैच्छिक एवं नियमित रक्तदान करें और इस महादान में सहभागी बनकर जरूरतमंदों के जीवन की रक्षा करें।







