नए साल के पहले दिन बनारस सहित अन्य जिलों के बिजली कर्मियों ने बिजली के निजिकरण के विरुद्ध आंदोलन के 400दिन पूरे होने पर काली पट्टी बांध कर “विरोध दिवस” मनाया :

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वाराणासी-01जनवरी2026

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के बैनर तले निजीकरण के विरोध में लगातार चल रहे आंदोलन के 400 दिन पूरे होने पर बनारस के बिजली कर्मियों ने काली पट्टी बांध कर प्रदेश भर की तरह ही बनारस में “विरोध दिवस” मनाया और ऐलान किया है कि उप्र में बिजली के निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के विरोध में आगामी 12 फरवरी को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल में उ0प्र0 के एक लाख से अधिक बिजली कर्मी सम्मिलित होंगे।

उल्लेखनीय है कि नेशनल कोऑर्डिनेशन कमिटी आफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स ने यह निर्णय लिया है कि उप्र में चल रही बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया रद्द कराने और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के विरोध आगामी 12 फरवरी को देश के 27 लाख बिजली कर्मी एक दिन की हड़ताल करेंगे।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केन्द्रीय पदाधिकारियों ने बताया कि आज संघर्ष समिति की कोर कमेटी की मीटिंग में यह निर्णय लिया गया कि निजीकरण और उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों के विरोध में चल रहा विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक निजीकरण का निर्णय वापस नहीं लिया जाता।

संघर्ष समिति ने यह भी निर्णय लिया कि 12 फरवरी की प्रस्तावित हड़ताल की तैयारी हेतु जनवरी माह में प्रदेश में छह बिजली महापंचायत आयोजित की जाएगी। बिजली महापंचायत वाराणसी, ओबरा/अनपरा,आगरा, केस्को, मेरठ और लखनऊ में होगी। बिजली महापंचायत में बिजली कर्मियों के साथ किसान, आम उपभोक्ता और केन्द्रीय ट्रेड यूनियन भी सम्मिलित होंगे।

जनवरी माह में संघर्ष समिति के केन्द्रीय पदाधिकारी निजीकरण के विरोध में प्रांतव्यापी सघन दौरा करेंगे।

संघर्ष समिति ने कहा कि 25 नवंबर 2024 को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का एकतरफा निर्णय घोषित कर पॉवर कॉरपोरेशन प्रबन्धन ने ऊर्जा निगमों में कार्य का वातावरण पूरी तरह बिगाड़ दिया है। बिजली कर्मी संघर्ष में उपभोक्ताओं के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता पर अटेंड कर रहे हैं। अब समय आ गया है जब पॉवर कारपोरेशन प्रबन्धन को निजीकरण का निर्णय निरस्त कर आंदोलन के फलस्वरूप की गई समस्त उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां वापस लेना चाहिए।

सभा को सर्वश्री ई0 मायाशंकर तिवारी, ई0 एस0के0सिंह, ई0 विजय सिंह, हेमन्त श्रीवास्तव,राजेन्द्र सिंह, समरजीत सिंह, राजेश सिंह ,मनोज जैसवाल ,बृजेश यादव , पंकज यादव, कमलेश सिंह आदि ने संबोधित किया।

 

 

रिपोर्ट – जगदीश शुक्ला

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