काशी विद्वत् परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी एवं संगठन मन्त्री व ज्योतिष विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. विनय कुमार पाण्डेय, प्रो सुभाष पाण्डेय, डॉ रामेश्वर शर्मा, डॉ धीरज मिश्र, श्री अमित मिश्रा द्वारा विमोचन हुआ। परिवेश में हों रहे पंचांग की कठिनता तथा समान्यजन में पंचांग को देखने की सरलता को देखते हुए एक पहल उन सभी लोगों के लिए ये पंचांग अँधेरे में दीपक की भांति ये समाज में एक प्रेरणा के समान है
पंजिका का यह नवम अंक प्रो. विनय पाण्डेय जी के मार्गदर्शन में तैयार हुआ है ।
इस अवसर पर प्रो. विनय कुमार पाण्डेय जी ने कहा कि ‘ व्रत-पर्व-उत्सव सहित सभी धार्मिक कृत्य पंचांग द्वारा ही संचालित एवं निर्धारित होते है, वर्तमान में पंचांगो में भिन्नता के कारण व्रत पर्व में बहुश: भेद दिखाई देने लगा है ऐसे में यह पंजिका आमजनमानस के लिए उपयोगी होंगी।
पंजिका के सम्पादक आचार्य संजय कुमार पाण्डेय पाण्डेय ने बताया कि इस पंजिका के प्रकाशन का उद्देश्य है कि पंचांग कों सरल रूप में प्रस्तुत करना जिससे आम जनमानस व्रत पर्व क़े निर्धारण की सटीकता को समझ कर सरलता से अवबोध कर सकें। इसमें तिथि, नक्षत्र, योग, करण,मुहूर्त आदि को सरल ढंग से निरुपण कर सामान्य जनमानस के सुगमता के लिए किया गया है।
सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापन सहसम्पादक आचार्य अभिनव शंकर ने किया।
इस अवसर पर डॉ अधोक्षज पाण्डेय,शरद मणि त्रिपाठी, चंद्रकांत शुक्ल, विवेक त्रिपाठी, गगन गौतम, अमन पाठक, रोदना घिमरे उपस्थित रहें।







