मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश। जनपद मिर्जापुर के पड़री थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना की एक दुखद घटना सामने आई है। नेवढ़िया गांव के पास हुई इस दुर्घटना में एक युवक की जान चली गई, जबकि दूसरा युवक घायल हो गया। हादसे में 20 वर्षीय बाल किशन यादव की उपचार के दौरान मौत होने से परिवार में मातम छा गया है। वहीं घायल रंजीत यादव का उपचार चल रहा है। घटना को लेकर मृतक के परिजनों की शिकायत पर पड़री थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
प्राप्त प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) और उसमें दर्ज शिकायत के अनुसार, दुर्घटना 11 अक्टूबर 2026 की शाम करीब छह बजे की बताई गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एक बुलेट मोटरसाइकिल चालक ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए सड़क की पटरी से जा रहे दो युवकों को टक्कर मार दी। हादसे के बाद दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों ने उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन बाल किशन यादव की जान नहीं बचाई जा सकी।
घर से निकले थे दोनों युवक, रास्ते में काल बनकर आई बुलेट!
एफआईआर में दर्ज विवरण के मुताबिक, बाल किशन यादव, उम्र लगभग 20 वर्ष, पुत्र स्वर्गीय भानुप्रताप यादव और रंजीत यादव, उम्र लगभग 21 वर्ष, पुत्र श्रीकृष्णकांत यादव, निवासी ग्राम नेवढ़िया, थाना पड़री, जनपद मिर्जापुर, घटना के समय घर से पैदल डगमगपुर चौराहे की ओर जा रहे थे।
शिकायत के अनुसार, दोनों युवक सड़क की पटरी पकड़कर आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान मुर्गी फार्म से लगभग 200 मीटर दूर एक बुलेट मोटरसाइकिल उनकी ओर आई और दोनों को टक्कर मार दी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि मोटरसाइकिल तेज गति और लापरवाही से चलाई जा रही थी।
इस दुर्घटना ने एक परिवार की खुशियों को गहरे दुख में बदल दिया। जिस युवक से परिवार को भविष्य की उम्मीदें थीं, उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। दूसरे घायल युवक के स्वास्थ्य को लेकर भी परिजनों की चिंता बनी हुई है।
गंभीर हालत में अस्पताल ले जाए गए घायल, बीएचयू ट्रामा सेंटर में हुई मौत
हादसे के बाद दोनों युवकों को गंभीर चोटें आईं। एफआईआर में दर्ज शिकायत के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और घायलों को निजी वाहन से चुनार स्थित एपेक्स अस्पताल ले गए।गाड़ी नंबर यह हैं up,63,al,8647 बुलेट गाड़ी है और अनुज कुमार यादव को थाने में 9 दिन बंद किया गया उसके बाद थाना प्रभारी के द्वारा छोड़ दिया गया और अभी तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल सका पुलिस प्रशासन अपने हाथ पर हाथ धर कर बैठी हैं डबल इंजन सरकार की धजिया उडाई
बाल किशन यादव की हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें आगे के उपचार के लिए बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। परिजन उन्हें लेकर बीएचयू ट्रामा सेंटर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
शिकायत में उल्लेख है कि बाल किशन यादव का शव बीएचयू ट्रामा सेंटर की मोर्चरी में रखा गया। वहीं दूसरे घायल युवक रंजीत यादव का उपचार चुनार स्थित आनंद मेमोरियल हॉस्पिटल में चलने की जानकारी दी गई है।
एक ओर परिवार बाल किशन यादव की मौत से गहरे सदमे में है, तो दूसरी ओर घायल रंजीत यादव के उपचार को लेकर भी चिंता बनी हुई है। इस हादसे ने दोनों परिवारों को मुश्किल परिस्थिति में डाल दिया है।
मृतक के परिजनों की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
प्राप्त एफआईआर की प्रति के अनुसार, थाना पड़री, जनपद मिर्जापुर में मुकदमा संख्या 0262/2026 दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की निम्नलिखित धाराओं का उल्लेख है:
– धारा 281 — सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से वाहन चलाने से संबंधित प्रावधान।
– धारा 106(1) — लापरवाही से मृत्यु कारित करने से संबंधित प्रावधान।
– धारा 125(b) — जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्य से संबंधित प्रावधान, जिसमें चोट की गंभीरता के अनुसार प्रावधान लागू हो सकता है।
एफआईआर में दर्ज विवरण के अनुसार, मोटरसाइकिल चालक के रूप में अनुज यादव, पुत्र उमाशंकर यादव, निवासी ग्राम नेवढ़िया, थाना पड़री, जनपद मिर्जापुर का नाम उल्लेखित है। शिकायत में उनके विरुद्ध तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप लगाया गया है।
प्राथमिकी में विवेचना अधिकारी के रूप में उपनिरीक्षक विजय कुमार यादव का नाम दर्ज है। मामले की विवेचना के माध्यम से दुर्घटना की परिस्थितियों, आरोपों और अन्य संबंधित तथ्यों की जांच की जानी है।
जांच के बाद स्पष्ट होंगे दुर्घटना से जुड़े सभी तथ्य
सड़क दुर्घटनाओं में तेज गति, वाहन चलाते समय लापरवाही और सड़क पर सुरक्षा संबंधी सावधानियों की अनदेखी गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। इस मामले में भी शिकायतकर्ता ने मोटरसाइकिल चालक पर लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप लगाया है। हालांकि, दुर्घटना की वास्तविक परिस्थितियों और जिम्मेदारी के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही निकाला जा सकेगा।
फिलहाल उपलब्ध एफआईआर में दर्ज जानकारी के अनुसार, एक युवक की मृत्यु और दूसरे युवक के घायल होने का मामला पुलिस के संज्ञान में है। अब मामले की विवेचना में दुर्घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
सड़क सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना जरूरी
सड़क पर वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करना, आसपास चल रहे पैदल यात्रियों का ध्यान रखना और सावधानी बरतना प्रत्येक वाहन चालक की जिम्मेदारी है। थोड़ी-सी लापरवाही भी किसी परिवार के लिए अपूरणीय क्षति का कारण बन सकती है।
नेवढ़िया गांव के पास हुई इस दुर्घटना में बाल किशन यादव की मौत ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा के महत्व को सामने ला दिया है। इस दुखद घटना से प्रभावित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की जाती है और घायल रंजीत यादव के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जाती है।
समाचार का आधार
यह रिपोर्ट उपलब्ध एफआईआर की तस्वीरों और उसमें दर्ज शिकायत के विवरण के आधार पर तैयार की गई है। दुर्घटना की तारीख 11 अक्टूबर 2026, प्राथमिकी दर्ज होने की तारीख 12 अक्टूबर 2026 और मुकदमा संख्या 0262/2026 एफआईआर में उल्लिखित विवरण के अनुसार हैं।
कानूनी स्पष्टता: मोटरसाइकिल चालक के विरुद्ध लगाए गए आरोप अभी शिकायत में दर्ज आरोप हैं। किसी व्यक्ति को दोषी घोषित करना न्यायिक प्रक्रिया का विषय है। पुलिस जांच के निष्कर्ष या न्यायालय के निर्णय के बिना आरोपों को सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।







