वर्ष में 364 दिन आम दर्शनार्थियों के लिए बंद रहने वाले काले हनुमान जी का दर्शन मात्र 1 दिन सभी के लिए खुला रहता हैं

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यह वह दिन हैं जो विश्वप्रसिद्ध रामनगर की रामलीला के राजगद्दी के दूसरे दिन भोर की आरती के पश्चात होता हैं।आप सभी भी दर्शन करें जय हनुमानप्रभु श्रीराम के तीर से धरती को बचाने के लिए हनुमान जी को घुटने पर बैठना पड़ा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किले की खुदाई में ही दक्षिणमुखी हनुमान की भव्य प्रतिमा मिली थी जिसे काशीराज परिवार ने दक्षिणी छोर में मंदिर बना कर प्रतिमा को स्थापित किया था। बताया जाता है कि यह प्रतिमा त्रेता युग की है। धार्मिक मान्यता है कि प्रभु श्रीराम लंका पर विजय पाने के लिए निकले थे और रामेश्वरम में समुद्र के किनारे पहुंचे थे। प्रभु ने समुद्र से रास्ता मांगा था

लेकिन समुद्र ने ऐसा करने से इंकार कर दिया था इससे कुपित होकर प्रभु श्रीराम ने अपना धनुष निकाल कर उस पर बाण चढ़ा ली थी और समुद्र को सुखा देने के लिए बाण छोडऩा चाहते थे। इससे डर कर समुद्र खुद प्रकट हुआ और प्रभु से माफी मांगी। प्रभु श्रीराम ने समुद्र को माफ तो कर दिया था लेकिन धनुष पर चढ़ाये गये बाण का वापस नहीं ले सकते थे इसलिए उन्होंने बाण को पश्चिम दिशा में छोड़ दिया था।

प्रभु श्रीराम का बाण इतना शक्तिशाली था कि उसके टकराने से धरती हिल सकती थी इसलिए जहां पर धरती को बचाने के लिए हनुमानजी घुटने के बल बैठ गये थे और बाण जब धरती से टकराया तो उसके तेज से प्रभु का रंग काला पड़ गया था। धार्मिक मान्यता है कि दुनिया में प्रभु हनुमान की ऐसी अलौकिक मूर्ति और कही नहीं है। धार्मिक मान्यता है कि रामनगर में राज्याभिषेक के समय खुद प्रभु श्रीराम आते हैं इसलिए मंदिर का पट भी इसी दिन खुलता है और साल भर बंद रहता है।

 

रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी

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सबसे ज्यादा पड़ गई

बीता हुआ समय , इतिहास तो बन जाता है…उसे हमलोग पढ़कर .. किनारे कर देते हैं ..पर आप ये हमेशा स्मरण रखें कि इतिहास मौन नहीं रहता …वह तो चिख पुकार कर हम सबको … बताना चाहता है कि गलतियां ना दुहराएं. पर उसे प्रायः हमलोग अनदेखी कर देते हैं…. जिसका परिणाम … स्वयं एक दिन वही इतिहास…. एक शव यात्रा में बदल जाता है।

ये ट्रंप चाचा कल तक चिल्ला रहे थे कि भारत पर 100% टैरिफ लगा दूँगा, पूरी दुनिया को हिला दूँगा। भारत तो डेड इकॉनमी है। लेकिन अचानक ऐसा क्या हुआ कि ट्रंप चाचा एकदम शांत हो गए? इसके पीछे की पूरी कहानी बताता हूँ, मेरे अनुभव के हिसाब से ,