वाराणसी न्यूज़ :-
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने लेखपाल संवर्ग की वर्षों से लंबित एवं न्यायोचित मांगों के निस्तारण को लेकर शासन और राजस्व परिषद से शीघ्र सकारात्मक निर्णय की मांग की है।
संघ का कहना है कि लेखपाल लगातार बढ़ते कार्यभार, संसाधनों की कमी, लंबित पदोन्नति, वेतन विसंगति, स्थानांतरण में विलंब तथा अतिरिक्त कार्यभार जैसी समस्याओं के बीच राजस्व एवं जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।

संघ द्वारा मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को उपजिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजकर प्रमुख मांगों पर तत्काल कार्यवाही किए जाने का अनुरोध किया गया है।
संघ ने कहा कि लेखपालों द्वारा वरासत, नामांतरण, पैमाइश, आय- जाति-निवास प्रमाण-पत्रों की जांच, आईजीआरएस, राजस्व अभिलेखों के अद्यतन, आपदा प्रबंधन, किसान हित से जुड़े कार्यों सहित अनेक महत्वपूर्ण शासकीय दायित्वों का निर्वहन किया जाता है।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही नहीं होती है तो प्रदेश के लेखपाल 17 अक्टूबर 2026 से सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार के लिए बाध्य होंगे। संघ के अनुसार कार्य बहिष्कार की स्थिति उत्पन्न होने से राजस्व एवं जनहित से जुड़े कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
रिपोर्ट – विवेक कुमार यादव







