जौनपुर
होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति को मजबूत बनाने, चिकित्सकों के अनुभवों को साझा करने और संगठन को नई दिशा देने के उद्देश्य से आइडियल होम्योपैथिक वेलफेयर आर्गेनाइजेशन का बहुप्रतीक्षित प्रादेशिक सम्मेलन आगामी 13 सितंबर को मछलीशहर स्थित होटल युवराज में आयोजित होने जा रहा है। सम्मेलन को लेकर चिकित्सकों में उत्साह का माहौल है। और इसे संगठन के आगामी कार्यकाल के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सम्मेलन की तैयारियों को लेकर जौनपुर शाखा की महत्वपूर्ण बैठक वाजिदपुर स्थित संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रामनारायण सिंह के आवास पर आयोजित हुई। बैठक में सम्मेलन की तैयारियों, कार्यक्रम की रूपरेखा तथा संगठन की आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रामनारायण सिंह ने बताया कि प्रादेशिक सम्मेलन दो महत्वपूर्ण सत्रों में आयोजित होगा। पहला सत्र वैज्ञानिक सत्र होगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचने वाले होम्योपैथिक चिकित्सक अपने चिकित्सकीय अनुभव, उपचार पद्धतियों तथा चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार साझा करेंगे।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन केवल बैठक या औपचारिक कार्यक्रम नहीं होते, बल्कि चिकित्सकों के बीच ज्ञान, अनुभव और विचारों के आदान-प्रदान का मजबूत मंच बनते हैं। एक चिकित्सक का अनुभव दूसरे चिकित्सक के लिए नई सीख बन सकता है। और यही सामूहिक ज्ञान चिकित्सा व्यवस्था को और बेहतर दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सम्मेलन का दूसरा सत्र संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण होगा। इसमें संगठन के आगामी द्विवार्षिक कार्यकाल 2026-27 एवं 2027-28 के लिए प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों का चुनाव कराया जाएगा। साथ ही संगठन की भावी गतिविधियों, विस्तार और आगामी कार्ययोजना को लेकर भी महत्वपूर्ण विचार-विमर्श होने की संभावना है।
इस सम्मेलन का आयोजन संगठन के प्रदेश महासचिव डॉ. आर.पी. यादव एवं मछलीशहर शाखा के सहयोग से किया जा रहा है। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. जे.एन. सिंह रघुवंशी के शामिल होने की जानकारी दी गई है।
बैठक में डॉ. सत्येंद्र सिंह, डॉ. शैलेंद्र सिंह, डॉ. आर.पी. यादव, डॉ. संजय यादव, डॉ. गौरव शर्मा, डॉ. हर्षित सिंह, डॉ. आशुतोष सिंह एवं डॉ. तुषार सिंह सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।
संगठन की मजबूती का बनेगा नया अध्याय
13 सितंबर का यह सम्मेलन केवल पदाधिकारियों के चुनाव तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि यह होम्योपैथिक चिकित्सकों के बीच एकजुटता, वैज्ञानिक सोच और संगठनात्मक प्रतिबद्धता का संदेश भी देगा। उम्मीद है। कि मछलीशहर से निकलने वाली यह आवाज प्रदेशभर के होम्योपैथिक चिकित्सकों को एक मजबूत मंच पर जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।







