मीरजापुर
दीवानी न्यायालय परिसर से राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार वाहन को जिला जज अनुपम कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह प्रचार वाहन जनपद में घूम-घूम कर 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत का प्रचार-प्रसार करेगा।
इस दौरान अपर जिला जज प्रथम / नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत संतोष कुमार गौतम, अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट नंबर-06 आसिफ इकबाल रिजवी, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो जितेन्द्र यादव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल सिंह, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आनंद कुमार-11 और इंडियन बैंक की लॉ ऑफिसर मयुरी दत्ता संयुक्त रूप से मौजूद रहे।
जिला जज अनुपम कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मीरजापुर के तत्वावधान में 12 सितंबर दिन शनिवार को सुबह 10 बजे से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
आयोजन दीवानी न्यायालय परिसर मीरजापुर, बाह्य न्यायालय चुनार, ग्राम न्यायालय मड़िहान के साथ ही राजस्व विभाग से संबंधित अपर जिलाधिकारी वि०रा०, अपर जिलाधिकारी भू०रा०, नगर पालिका परिषद, चकबंदी विभाग, वन विभाग और समस्त राजस्व न्यायालयों में होगा। इसमें सुलह योग्य मुकदमों और वैवाहिक प्री-लिटिगेशन मामलों का अधिक से अधिक निस्तारण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि ई-चालान और लघु आपराधिक मुकदमों के निस्तारण के लिए सरल पेटी ऑफेंस डिपॉजिट योजना के तहत वादकारी धारा-206 सपठित धारा 253 दं०प्र०सं० के अंतर्गत अपने चालान का जुर्माना खाता संख्या 34906170085 भारतीय स्टेट बैंक डंकीनगंज मीरजापुर में स्वयं उपस्थित होकर अथवा ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।
वैवाहिक प्री-लिटिगेशन मामलों में पीड़ित पक्ष द्वारा विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया जाएगा, जिस पर परिवार न्यायाधीश और मध्यस्थगण द्वारा दोनों पक्षों को बुलाकर समझौते के माध्यम से समाधान कराया जाएगा। लोक अदालत में पारित निर्णय अंतिम होता है, जिसकी अपील अन्य न्यायालय में नहीं होती। पिछली लोक अदालत में कुल 85116 मुकदमों का निस्तारण किया गया था, इस बार लगभग 2 लाख मुकदमों के निस्तारण का लक्ष्य रखा गया है।
नोडल अधिकारी संतोष कुमार गौतम ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद के समस्त उपजिलाधिकारी न्यायालय, तहसीलदार न्यायालय, चकबंदी अधिकारी न्यायालय, श्रम आयुक्त विभाग, नगर पालिका, विद्युत विभाग और समस्त बैंकों के ऋण बकायेदारों के प्री-लिटिगेशन सुलह योग्य मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आनंद कुमार-11 ने बताया कि लोक अदालत में सभी प्रकार के शमनीय आपराधिक मामले, चेक बाउंस धारा-138 एनआई एक्ट, बैंक रिकवरी, मोटर दुर्घटना प्रतिकर, बिजली से संबंधित शमनीय दंड वाद, राजस्व वाद, सिविल वाद और आर्बिट्रेशन निष्पादन से संबंधित वादों का निस्तारण किया जाएगा।
उन्होंने आम जनमानस, अधिवक्ता बंधुओं और वादकारियों से अपील की है कि वे अपने लंबित मुकदमों, चालानों और वैवाहिक प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण कराकर राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाएं।







