नई दिल्ली।
चीन की अर्थव्यवस्था में सुस्ती के बादल एक बार फिर गहराने लगे हैं।मजबूत निर्यात और फैक्ट्री-गेट कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद घरेलू बाजार में कमजोर मांग के कारण चीन के औद्योगिक मुनाफे की रफ्तार छह महीनों में पहली बार धीमी पड़ गई है।चीन के ये आंकड़े भारत के लिए भी काफी मायने रखते हैं।यह भारत के लिए बड़ा मौका हो सकता है।
चीन पर आर्थिक संकट,भारत के पास बड़ा मौका
चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (NBS) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक मई 2026 में औद्योगिक मुनाफा पिछले साल की तुलना में 21.1 प्रतिशत बढ़ा।हालांकि यह आंकड़ा सकारात्मक दिख रहा है,लेकिन यह अप्रैल महीने में दर्ज की गई 24.7 प्रतिशत की वृद्धि के मुकाबले काफी कम है।
अनुमान से कम रही मुनाफे की रफ्तार
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2026 के पहले पांच महीनों (जनवरी से मई) के दौरान चीन का औद्योगिक मुनाफा कुल मिलाकर 18.8 प्रतिशत बढ़ा,जो ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के 19 प्रतिशत के अनुमान से थोड़ा कम है।यह सुस्ती बेहद चौंकाने वाली है







