चन्दौली पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय)। उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बुधवार को क्षेत्र के एकोनी गांव स्थित नंद सदन गौशाला एवं बायोगैस परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पशुपालन, जैविक खेती और वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में एक अनुकरणीय मॉडल बताते हुए इसकी सराहना की।
कृषि मंत्री ने बताया कि सिकोनी गांव के निवासी एवं बी.टेक. स्नातक शिव प्रकाश सिंह द्वारा निजी प्रयासों से स्थापित यह मॉडल प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है। यहां लगभग 200 विभिन्न नस्लों के गोवंश का पालन किया जा रहा है, जिनके दूध से डेयरी संचालन के साथ-साथ गोबर से मीथेन गैस तैयार कर करीब 125 घरों तक घरेलू गैस की आपूर्ति की जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस बायोगैस के उपयोग से ग्रामीण परिवारों को एलपीजी गैस की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत कम खर्च वहन करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कई अवसरों पर इस परियोजना की प्रशंसा कर चुके हैं।
कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा ऐसे मॉडल को उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जनपद में विकसित करने की है। इसके लिए कृषि विभाग, पशुपालन विभाग एवं गोसेवा आयोग संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मॉडल के माध्यम से जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा तथा रासायनिक उर्वरकों पर किसानों की निर्भरता कम होगी।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि डेयरी एवं बायोगैस प्लांट को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़कर और अधिक सशक्त बनाया जाए। उन्होंने कृषि अवसंरचना निधि (एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड) की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार द्वारा किसानों को बिना जमानत कृषि उद्योग स्थापित करने के लिए सहायता दी जा रही है, जिस पर 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान केंद्र सरकार तथा अतिरिक्त 3 प्रतिशत अनुदान उत्तर प्रदेश सरकार उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएं बेसहारा गोवंश की समस्या के समाधान के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैकल्पिक उर्वरक और वैकल्पिक ऊर्जा के विजन को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
बायोगैस से संतुष्ट हैं ग्रामीण इस दौरान कृषि मंत्री ने बायोगैस का उपयोग कर रहे ग्रामीणों से भी बातचीत की। गांव की निवासी उषा सिंह ने बताया कि उनके घर में खाना गोबर गैस से बनता है और इससे वे पूरी तरह संतुष्ट हैं।
उषा सिंह ने कहा, “कृषि मंत्री जी हमारे घर आए और पूछा कि हम किस गैस से खाना बनाते हैं। हमने बताया कि हम गोबर गैस का उपयोग करते हैं और इससे पूरी तरह संतुष्ट हैं। मंत्री जी का हमारे घर आना हमारे लिए सम्मान की बात है।”
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में चंद्र प्रकाश सिंह, नागेंद्र प्रताप सिंह, मनोज सिंह, कुंज बिहारी सिंह, महेंद्र सिंह, सोमरू सिंह, जोगिंदर सिंह, मिंटू सिंह, मुन्ना सिंह, संजय श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।







