देवरिया जनपद के सलेमपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम सहियांगढ़ निवासी सरफराज पुत्र आशिक अंसारी ने स्थानीय भू-माफियाओं पर पिता के द्वारा खरीदी गई जमीन और उस पर बनवाए गए मकान और दुकान पर जबरिया कब्जा करने का आरोप लगाते हुए यह कहा है कि हमारे पिता के द्वारा क्रय की गई जमीन है जो लगभग 12 डिसमिल में आधा रोड में चली गई है और शीश पर दुकान और मकान बना हुआ है हमारे बगल गीर द्वारा गैलरी का दरवाजा तोड़कर तथा सटा मकान होने की नाते अंदर से रास्ता बनाकर पीछे के हिस्से को कब्जा कर लिया गया है
न्याय की गुहार लगाते लगाते मैंने स्थानी चौकी स्थानी थाना तहसील प्रशासन जिला प्रशासन को अपने पूरे मामले से लिखित रूप से प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया है लेकिन आज तक मुझे न्याय नहीं मिल पाया है क्या प्रशासन किसी बड़े घटना का इंतजार कर रहा है? या मामले को निपटाना नहीं चाहता है इस मामले से संबंधित तमाम वीडियो और फेसबुक के द्वारा कई चीजे वायरल हो रही है जिसको आज के परिवेश में ए आई के दौर में उसकी पुष्टि करना संभव नहीं है कि वह वीडियो सही है या गलत है फेसबुक पर जो चल रहा है वह सही है या गलत है
यह चैनल इसकी पुष्टि नहीं करता है पीड़ित ने चैनल के समक्ष बैनामे की जमीन और दुकान मकान पर जबरन कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने उपजिलाधिकारी सहित जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है पीड़ित के अनुसार, उन्होंने ग्राम चकमुस्तफा तप्पा सलेमपुर में स्थित आराजी संख्या 23/1 एवं 23/2 की भूमि वर्ष 1993-94 में विधिवत बैनामा के माध्यम से खरीदी थी। उक्त भूमि पर उन्होंने वर्ष 1998 में मकान व दुकान का निर्माण कराया, जो वर्तमान तक संचालित है। भूमि का नाम खतौनी में भी दर्ज है।
सरफराज का आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति में पड़ोसी जगदीश पुत्र पगू द्वारा रात्रि के समय गुमटी रखकर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया गया। विरोध करने पर आरोपित द्वारा जातिगत दबाव बनाते हुए फर्जी मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित ने यह भी बताया कि उनकी दुकान किराये पर लेने वाले दीपक पुत्र विश्वनाथ प्रसाद गौड़ ने भी कथित रूप से आरोपित के साथ मिलकर साजिश रची। हाल ही में दुकान खाली करने के बाद आरोपित पक्ष की महिलाओं को दुकान में बैठाकर कब्जा कर लिया गया है।
घटना से भयभीत पीड़ित ने थाना दिवस, तहसील दिवस एवं जिलाधिकारी को भी प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर दुकान को कब्जामुक्त कराया जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है।







