वाराणसी।
पद्मविभूषण गिरिजादेवी संकुल में आयोजित विशाल विधिक सहायता एवं सेवा शिविर किसानों के लिए सौगातों की बारिश लेकर आया। कृषि योजनाओं से जुड़ी कई अहम सुविधाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराई गईं, जिससे किसानों में उत्साह देखने को मिला।
शिविर में जनपद न्यायाधीश संजीव शुक्ला एवं जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कृषि विभाग के स्टॉल का निरीक्षण किया। इस दौरान नि:शुल्क दलहन बीज मिनिकिट तथा प्रसार कार्यक्रम के अंतर्गत जायद 2026 में गन्ना अंतः फसली खेती हेतु उर्द और मूंग के बीज मिनिकिट की ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया का अवलोकन किया गया। ई-लॉटरी के माध्यम से चयनित किसानों को उर्द एवं मूंग के बीज निःशुल्क वितरित किए गए।
किसानों को मिली आधुनिक खेती की ताकत
किसानों को अनुदान पर सोलर लाइट ट्रैप भी उपलब्ध कराए गए। यह उपकरण बिना रसायनों के हानिकारक कीटों को प्रकाश की ओर आकर्षित कर नियंत्रित करता है। तना छेदक, पत्ती लपेटक और विभिन्न इल्लियों के नियंत्रण में यह बेहद कारगर साबित हो रहा है। इससे कीटनाशकों पर होने वाला खर्च घटता है और फसल की निगरानी बेहतर होती है।
इसके साथ ही मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित कर किसानों को उनकी जमीन की गुणवत्ता, पोषक तत्वों की स्थिति और संतुलित उर्वरक उपयोग की जानकारी दी गई। खेत तालाब योजना के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।
संवाद और समाधान का मंच
अधिकारियों ने किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर काशी जैविक उत्पाद से जुड़े एफपीओ के कार्यों की भी जानकारी प्राप्त की गई।
शिविर में किसानों ने मिली सुविधाओं और प्रशासन के संवादात्मक रवैये की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम खेती को लाभकारी और आधुनिक बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।







