कारोबार को सुगम बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने आठ पुराने कानून में किया संशोधन. कानून में बदलाव करते हुए आपराधिक धाराओं को हटाकर आर्थिक दंड लगाने का किया गया प्रावधान. यानि अब किसी गड़बड़ी में लिप्त पाए जाने पर मुकदमा और जेल नहीं, सिर्फ जुर्माना लगेगा.
-उत्तर प्रदेश जिला पंचायत राज अधिनियम की धारा 240 में किया गया बदलाव.. धारा 240 के तहत राज्य सरकार किसी उपकरण या वस्तु का अवैध गतिविधियों में उपयोग होने पर उसे जब्त करेगी.
उत्तर प्रदेश मादक पदार्थ (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम 1976 की धारा 6 में भी किया गया संशोधन.. इस अधिनियम में 6 माह तक के करावास के स्थान पर अब सिर्फ 50 हजार रुपए तक के आर्थिक दंड का होगा प्रावधान.
-उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम 1976 की धारा 16 क में भी किया गया बदलाव.. अधिनियम में करावास शब्द को हटाकर आर्थिक दंड आधारित शब्दावली जोड़ी गई.
-उसके अलावा नगर निगम अधिनियम, नगर पालिका अधिनियम, औद्योगिक विकास अधिनियम, यूपी स्ट्रीट वेंडिंग एक्ट और उत्तर प्रदेश नगर नियोजन और विकास अधिनियम में भी किए गए संशोधन.
कानूनों में संशोधन से छोटे व्यवसाइयों को गैर आपराधिक प्रकृति के मामलों में राहत मिलेगी, समय की बचत होगी और न्यायिक प्रणाली पर बोझ भी कम होगा.









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