वाराणसी कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और त्याग की मिसाल बने पुलिसकर्मियों की याद में मंगलवार को वाराणसी की रिजर्व पुलिस लाइन में ‘पुलिस स्मृति दिवस’ बड़े ही श्रद्धाभाव से मनाया गया। इस दौरान पुलिस बल के शौर्य और बलिदान की गौरवशाली गाथा को नमन किया गया। हर अधिकारी और जवान की आंखें उस क्षण नम थीं जब शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किए गए और 21 अक्टूबर 1959 की हॉट स्प्रिंग की ऐतिहासिक घटना को याद किया गया।
🔹 21 अक्टूबर 1959 की वीरगाथा
लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में भारत-तिब्बत सीमा पर गश्त कर रही सीआरपीएफ की टुकड़ी पर चीनी सैनिकों ने घात लगाकर हमला किया था। उस हमले में 10 वीर जवान मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद हो गए, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। उनके इसी सर्वोच्च बलिदान की स्मृति में हर वर्ष देशभर में पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।
🔹 रिजर्व पुलिस लाइन में हुआ श्रद्धांजलि समारोह
कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने की। उन्होंने कहा —
> “पुलिस बल की गौरवशाली परंपरा त्याग, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से ओत-प्रोत रही है। जनसेवा के उच्च आदर्शों को आत्मसात करते हुए जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी, वे हमारे लिए सदैव प्रेरणा रहेंगे।”
उन्होंने कहा कि पुलिस बल सदैव नागरिकों की सुरक्षा, शांति व्यवस्था और राष्ट्र की एकता-अखंडता की रक्षा में पूरी निष्ठा के साथ तत्पर रहेगा।
🔹 जनप्रतिनिधियों और अफसरों ने दी श्रद्धांजलि
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्रा ‘दयालु’, मंत्री रविंद्र जायसवाल, महापौर अशोक कुमार तिवारी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव शुक्ला, एडीजी वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया, एडीसीपी शिवहरी मीणा सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, न्यायिक अधिकारी और परिजन उपस्थित रहे।
सभी ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को नमन किया और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
🔹 दो मिनट का मौन, आंखें हुईं नम
श्रद्धांजलि समारोह के दौरान पूरे पुलिस बल ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। वातावरण में गूंज रहा था — “शहीद अमर रहें” का स्वर। कई पुलिसकर्मी अपने साथियों की याद में भावुक हो उठे।
🔹 बलिदान से सीख, कर्तव्यनिष्ठा का संकल्प
वक्ताओं ने कहा कि पुलिस का कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण और जोखिमभरा है, लेकिन यह वही सेवा है जो हर नागरिक के जीवन, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की डोर संभाले रहती है। कार्यक्रम में इस बात का संकल्प लिया गया कि पुलिस बल सदैव देश की सेवा में समर्पित रहेगा और शहीदों के आदर्शों को आगे बढ़ाता रहेगा।
काशी में पुलिस स्मृति दिवस सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उन अमर पुलिस जवानों के प्रति सच्चा श्रद्धांजलि दिवस है जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
रिपोर्ट – विजयलक्ष्मी तिवारी







