वाराणसी रोपवे की टेस्टिंग का काम तेजी से चल रहा है। 8 क्विंटल से अधिक वजन पर इसकी टेस्टिंग की जा रही है। इसकी सुरक्षा को विश्वस्तरीय बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। इसको ध्यान में रखते हुए रोजाना 10 यात्रियों के वजन के बराबर 8 क्विंटल और 10 प्रतिशत अतिरिक्त वजन यानी 880 किलो के भार पर गंडोला का परीक्षण किया जा रहा है।
यूरोपीय मानकों के अनुसार सुरक्षा उपकरण लगाए जा रहे हैं। आपातकालीन स्थितियों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुरक्षा संरचना विकसित की गई है। जैसे मेट्रो के दरवाजे अंदर से नहीं खुलते, वैसे ही रोपवे के गंडोला के दरवाजे भी अंदर से नहीं खुलेंगे और ऑटोमेटिक तरीके से बंद हो जाएंगे।
रोपवे के गंडोला में वेंटिलेशन की भी समुचित व्यवस्था है, ताकि बिजली आपूर्ति बाधित होने पर भी यात्रियों को किसी तरह की दिक्कत न होने पाए। रोपवे को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने अथवा खराब मौसम में भी संचालन प्रभावित नहीं होगा। बनारस में बन रहा रोपवे एशिया का पहला अर्बन रोपवे प्रोजेक्ट है।
रिपोर्ट- विजयलक्ष्मी तिवारी











Users Today : 19
Users This Year : 24793
Total Users : 37386
Views Today : 49
Total views : 73578