पुलिस आयुक्त वाराणसी महोदय के निर्देशन में *प्रमोद कुमार, पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन, कमि0 वाराणसी* द्वारा इण्टरमीडिएट स्तर के विद्यार्थियों के साथ नियमित संवाद स्थापित कर उन्हें शिक्षा, व्यक्तित्व विकास एवं भविष्य निर्माण के संबंध में मार्गदर्शन एवं प्रेरणा प्रदान करने के उद्देश्य से *सुधाकर महिला इण्टर कालेज, खजुरी, पाण्डेयपुर* में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस उपायुक्त द्वारा छात्राओं से सीधे संवाद करते हुए उनकी पढ़ाई, रुचि, लक्ष्य एवं भविष्य की योजनाओं के संबंध में जानकारी ली गई तथा उन्हें *नियमित अध्ययन, अनुशासन, समय प्रबंधन, लक्ष्य निर्धारण एवं आत्मविश्वास* के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया। छात्राओं को अपनी क्षमताओं एवं रुचि के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने तथा चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने हेतु प्रेरित किया गया।

पुलिस उपायुक्त द्वारा छात्राओं को *कैरियर के विभिन्न अवसरों, उच्च शिक्षा के महत्व एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी* के संबंध में भी आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। साथ ही छात्राओं को अपनी समस्याओं एवं जिज्ञासाओं को खुलकर साझा करने तथा किसी भी कठिन परिस्थिति में परिवार, विद्यालय एवं पुलिस से संवाद स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
इस अवसर पर छात्राओं को *साइबर अपराध से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग, महिला सुरक्षा एवं उनके अधिकारों* के संबंध में जागरूक किया गया। पुलिस उपायुक्त द्वारा महिला एवं बालिका सुरक्षा से संबंधित विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी देते हुए आवश्यकता पड़ने पर उनका उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
पुलिस उपायुक्त प्रमोद कुमार ने कहा कि *विद्यार्थियों के साथ नियमित संवाद एवं उचित मार्गदर्शन उनके व्यक्तित्व विकास और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।* पुलिस एवं विद्यार्थियों के बीच संवाद बढ़ने से उनमें सुरक्षा के प्रति जागरूकता के साथ-साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी एवं सकारात्मक सोच भी विकसित होती है।
इस पहल के माध्यम से वरुणा जोन पुलिस द्वारा इण्टरमीडिएट स्तर के विद्यार्थियों के साथ *नियमित संवाद, मार्गदर्शन एवं अनुप्रेरण* की व्यवस्था को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि विद्यार्थी अपने निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ-साथ जागरूक, आत्मविश्वासी एवं जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित हो सकें।







