वाराणसी
लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बुजुर्ग माता-पिता के सम्मान में एक ऐसा फैसला लिया है जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। अब जो औलाद अपने बूढ़े माँ-बाप की सेवा नहीं करेगी, उसे पैतृक संपत्ति से बेदखल कर दिया जाएगा।
योगी का साफ संदेश – सेवा नहीं तो संपत्ति नहीं!
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दिया है कि माता-पिता को बोझ समझने वाले बेटे-बेटियों को अब बख्शा नहीं जाएगा। अक्सर देखने में आता है कि माँ-बाप अपनी जीवन भर की कमाई बच्चों के नाम कर देते हैं और बाद में बच्चे ही उन्हें घर से निकाल देते हैं।
ऐसे मामलों को रोकने के लिए सरकार ने माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम को अब और सख्त कर दिया है।
क्या होगा नए नियम से?
1. अगर संतान माता-पिता की देखभाल, दवा और खाने-पीने का ध्यान नहीं रखेगी तो दी गई संपत्ति का बैनामा रद्द हो जाएगा।
2. बुजुर्ग माता-पिता सीधे DM और SDM से शिकायत कर सकेंगे।
3. शिकायत के 90 दिन के अंदर जांच कर बेदखली की कार्रवाई होगी।
4. प्रताड़ित करने वाली संतान को घर से निकालने का अधिकार भी प्रशासन को होगा।
इस फैसले के बाद यूपी के लाखों बुजुर्गों को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें अपनी ही संपत्ति के लिए दर-दर भटकना नहीं पड़ेगा।










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