माल्यार्पण एवं शपथ ग्रहण समारोह:-
• राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम के उपरान्त पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल द्वारा पुलिस कार्यालय प्रांगण में सरदार वल्लभभाई पटेल जी की प्रतिमा-चित्र पर माल्यार्पण किया गया।
• तत्पश्चात ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ, जिसमें पुलिस आयुक्त महोदय ने उपस्थित समस्त अधिकारियों एवं कर्मियों को राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति समर्पित रहने की शपथ दिलाई।
राष्ट्रसेवा एवं कर्तव्यनिष्ठा का संदेश:-
• पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा गया कि सरदार पटेल का जीवन राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा एवं दृढ़ संकल्प का अनुपम उदाहरण है। उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए प्रत्येक पुलिसकर्मी को पूर्ण निष्ठा एवं ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
मुख्य उद्देश्य:-
• सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेकर कर्तव्यनिष्ठा, एकता और देशभक्ति की भावना को सशक्त बनाना।
• पुलिस बल में सामूहिक उत्तरदायित्व, अनुशासन और एकजुटता की भावना को और दृढ़ करना।
• जाति, धर्म, भाषा एवं क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठकर आपसी भाईचारा, सामाजिक सद्भाव एवं राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने का आह्वान किया गया।
• सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संविधान एवं कानून के प्रति निष्ठावान रहते हुए निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने तथा समाज में शांति, सुरक्षा एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।

दिनांक 31.10.2026 को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर पुलिस कार्यालय प्रांगण, कमिश्नरेट वाराणसी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल द्वारा सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई तथा उपस्थित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं संप्रभुता की रक्षा करने की शपथ दिलाई गई।
इस दौरान उन्होंने सरदार पटेल के अद्वितीय योगदान एवं रियासतों के एकीकरण में उनकी ऐतिहासिक भूमिका का स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पुलिसकर्मी का दायित्व है कि वह संविधान एवं कानून के प्रति निष्ठावान रहते हुए निष्पक्षता, ईमानदारी एवं पूर्ण समर्पण से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करे तथा जाति, धर्म एवं क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठकर सामाजिक सद्भाव, आपसी भाईचारे और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाने में योगदान दे।







