चन्दौली इलिया
क्षेत्र के मंगरौर गांव में स्थित प्रसिद्ध मां मंगला गौरी मंदिर में रविवार की देर रात निशा पूजा विधि-विधान, मंत्रोच्चारण और आरती के साथ संपन्न हुई, जिसमें भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देर शाम से ही मंदिर परिसर ‘जय माता दी’ के जयकारों से गूंज रहा था।
मान्यता है कि मां मंगला गौरी मंदिर में निशा पूजा के दौरान सच्चे मन से मांगी गई मन्नतें अवश्य पूरी होती हैं। नवरात्रि के बाद भी हर रविवार को यहां विशेष पूजा का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंचते हैं। प्रतिदिन यहां सैकड़ों श्रद्धालु आकर मां का दर्शन-पूजन करते हैं।
रविवार को भी सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने कतार में लगकर माता के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर समिति की ओर से भक्तों के लिए दर्शन-पूजन और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई थी।
मामा मारीच की आराध्य रही हैं मां मंगला गौरी
मान्यता है कि प्रकांड विद्वान रावण के मामा मारीच की आराध्य देवी मां मंगला गौरी रही हैं। कहा जाता है कि मां मंगला गौरी कर्मनाशा नदी में मौजूद थीं, जिसके बाद उन्होंने मामा मारीच को सपने में दर्शन दिए। सपना आने पर मामा मारीच ने उन्हें कर्मनाशा नदी से प्राप्त किया और मंगरौर गांव में लाकर स्थापित कर एक भव्य मंदिर का निर्माण कराया। तभी से यहां पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है।







