सरकारी दावों पर सवाल! नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़ कब तक?

Picture of Shauryanewsindia220@gmail.com

Shauryanewsindia220@gmail.com

FOLLOW US:

Share

चकिया, चंदौली। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था सुधारने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के सरकारी दावों के बीच चकिया विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय तलरा में समय से स्कूल नहीं खुलने की शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार, निर्धारित समय तक विद्यालय के मुख्य गेट पर ताला लटका रहा और स्कूल पहुंचे बच्चे इंतजार करते रहे।

इस मामले में ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक गोरखनाथ पर नियमित रूप से देर से विद्यालय आने का आरोप लगाया है। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारी अजीत पाल ने मामले की जांच कराकर दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।

निर्धारित समय तक बंद रहा विद्यालय का गेट

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में लगभग आधा दर्जन शिक्षकों की तैनाती है, इसके बावजूद समय से विद्यालय खुलने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका आरोप है कि बच्चे समय से स्कूल पहुंचते हैं, लेकिन यदि विद्यालय का गेट ही बंद रहे तो उनकी पढ़ाई कैसे होगी? ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से विद्यालय की वास्तविक स्थिति की जांच कराने और शिक्षकों की उपस्थिति का सत्यापन करने की मांग की है।

प्रधानाध्यापक पर ग्रामीणों के गंभीर आरोप

ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक गोरखनाथ पर कथित तौर पर दबंग रवैया अपनाने और देर से विद्यालय आने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि शिकायत करने पर प्रधानाध्यापक कथित तौर पर कहते हैं कि खंड शिक्षा अधिकारी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते और वह इसी तरह देर से आते रहेंगे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और प्रधानाध्यापक का पक्ष सामने आना बाकी है।

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी शिक्षकों पर है। यदि शिक्षक ही समय से विद्यालय नहीं पहुंचेंगे तो शिक्षा व्यवस्था में सुधार कैसे होगा? उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

इन शिक्षकों की है तैनाती

ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विद्यालय में प्रधानाध्यापक गोरखनाथ के अलावा सहायक अध्यापक रामजन्म, रामाश्रय मिश्र, यश कुमार जायसवाल, प्रतिमा और अश्वनी कुमार की तैनाती बताई गई है।

खंड शिक्षा अधिकारी ने दिया कार्रवाई का भरोसा

इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी अजीत पाल ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। इसकी जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जांच और कार्रवाई पर टिकी निगाहें

ग्रामीणों का आरोप है कि चकिया विकासखंड में इससे पहले भी कथित लापरवाही करने वाले शिक्षकों के संबंध में शिकायतें की गईं, लेकिन उन्हें अपेक्षित कार्रवाई होती दिखाई नहीं दी। ऐसे में अब सवाल यह है कि क्या प्राथमिक विद्यालय तलरा के मामले में विभागीय जांच केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगी या जिम्मेदारी तय करते हुए ठोस कदम उठाए जाएंगे?

सरकारी विद्यालयों में समयबद्ध शिक्षण कार्य सुनिश्चित करना बच्चों के शैक्षिक अधिकार और उनके भविष्य से जुड़ा विषय है। अब देखना होगा कि खंड शिक्षा अधिकारी अजीत पाल की ओर से दिए गए जांच और कार्रवाई के आश्वासन पर कब तक अमल होता है।

ग्रामीणों की मांग: विद्यालय खुलने के समय, शिक्षकों की उपस्थिति और शिक्षण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय हो सके।

 

रिपोर्ट अलीम हाशमी

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई