गाजीपुर गहमर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। मेले के दौरान डॉक्टर समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकांश कर्मचारी नदारद मिले, जिससे दूर-दराज से इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
डॉक्टर की जगह वार्ड ब्वॉय ने संभाली चिकित्सक की गैर-मौजूदगी में वार्ड ब्वॉय दीपक उपाध्याय मरीजों को दवाएं बांटते हुए नजर आए।कर्मचारियों की अनुपस्थिति: ग्रामीणों के अनुसार, इस मेले में डॉक्टर और लैब टेक्नीशियन अक्सर गायब रहते हैं, जिससे मरीजों को उचित जांच और इलाज का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
डॉक्टरों के न होने की जानकारी फैलने से मेले में मरीजों की संख्या भी काफी कम दर्ज की गई।स्थानीय निवासी मुन्ना पांडेय, मुरली कुशवाहा और अरुण सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए बताया कि जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते ग्रामीण स्वास्थ्य योजनाएं कागजों तक सीमित होकर रह गई हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी योजना का जमीनी हकीकत में लाभ न मिलना स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है।







