नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने संसद में E20 एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम का जोरदार बचाव करते हुए दावा किया कि यदि पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण की व्यवस्था लागू नहीं की गई होती, तो पश्चिम एशिया संकट के दौरान देश में पेट्रोल की कीमत लगभग ₹125 प्रति लीटर तक पहुंच सकती थी।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में लिखित जवाब में कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग ने न केवल पेट्रोल की कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद की, बल्कि विदेशी मुद्रा की बचत, कच्चे तेल के आयात में कमी और किसानों की आय बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाई है।
सरकार के अनुसार, देश में पिछले ढाई वर्षों से 23 करोड़ से अधिक वाहन E15+ और E20 पेट्रोल का उपयोग कर रहे हैं, जिनमें 20 करोड़ से अधिक दोपहिया और 3 करोड़ से ज्यादा पेट्रोल कारें शामिल हैं। इस दौरान E20 ईंधन के कारण इंजन खराब होने या बड़े पैमाने पर तकनीकी समस्या आने का कोई प्रमाणित मामला सामने नहीं आया है।
वाहन निर्माताओं के सर्विस रिकॉर्ड में भी इंजन को नुकसान, असामान्य जंग या पुर्जों की उम्र कम होने जैसी शिकायतों की पुष्टि नहीं हुई है। सरकार ने बताया कि पश्चिम एशिया संकट के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया था,
लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने लगभग ₹70 प्रति लीटर की दर से एथेनॉल खरीदकर उसे पेट्रोल में मिलाया, जिससे घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखा जा सका। सरकार के मुताबिक, यदि एथेनॉल ब्लेंडिंग नहीं होती तो पेट्रोल की कीमत करीब ₹125 प्रति लीटर तक पहुंच सकती थी, जबकि दिल्ली में उपभोक्ताओं को यह लगभग ₹94.77 प्रति लीटर की दर से उपलब्ध कराया गया।
हालांकि सरकार ने स्वीकार किया कि E10 के लिए डिजाइन किए गए कुछ पुराने वाहनों में E20 के उपयोग से माइलेज में 2 से 6 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है, लेकिन इसका प्रभाव वाहन की स्थिति, रखरखाव और ड्राइविंग शैली पर भी निर्भर करता है।
सरकार ने यह भी बताया कि E20 कार्यक्रम के चलते अब तक करीब ₹1.98 लाख करोड़ की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है,
317 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल के आयात में कमी आई है, 952 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन घटा है और किसानों को ₹1.66 लाख करोड़ से अधिक की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई है। सरकार ने इन उपलब्धियों को ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आर्थिक मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।







