वाराणसी/बाबा विश्वनाथ का दिव्य श्रृंगार कर उन्हें राजसी पोशाक धारण कराई गई। मंदिर परिसर में देर रात तक दर्शन-पूजन का सिलसिला जारी रहा। मंदिर प्रशासन के अनुसार, पूर्णिमा पर्व को लेकर विशेष तैयारियां की गई थीं। धार्मिक अनुष्ठानों के तहत बाबा की प्रतिमा को विधि-विधान के साथ गर्भगृह में स्थापित किया गया।
वैदिक मंत्रोच्चार और शंखध्वनि के बीच संपन्न हुए इस आयोजन ने पूरे मंदिर परिसर को भक्तिमय वातावरण से भर दिया। श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के जयकारों के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया।







