मिर्जापुर
नगर के वासलीगंज क्षेत्र में मंगलवार को सियासी तनाव बढ़ गया। बीजेपी सभासदों के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं के पुतले का जुलूस निकालकर उन्हें आग के हवाले कर दिया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए विपक्ष पर निशाना साधा।
घटना के बाद सपा का पलटवार
घटना की सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल थाना कोतवाली पहुंचा। उन्होंने लिखित तहरीर देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक स्थानों पर उनके नेताओं का पुतला दहन कर जातिसूचक टिप्पणियां की गईं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, श्री संकट मोचन मंदिर के सामने से शुरू हुए जुलूस में दर्जनों युवक शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने पुतले को कंधे पर उठाकर बाजार में नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। मंदिर के सामने पहुंचकर पुतला दहन किया गया, जिससे कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।
सपा ने दी एक सप्ताह की चेतावनी
तहरीर देते हुए सपा नेताओं ने कहा कि यदि एक सप्ताह के अंदर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो वे भी उसी स्तर का विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने मोबाइल में दर्ज वीडियो क्लिप पुलिस को साक्ष्य के रूप में सौंपे।
कोतवाली पुलिस ने तहरीर दर्ज कर ली है और जांच का आश्वासन दिया है। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
दोनों पक्षों के आरोप
बीजेपी सभासदों का कहना है कि विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है, जिसके विरोध में यह प्रदर्शन किया गया। वहीं सपा नेताओं ने इसे लोकतंत्र की मर्यादा के खिलाफ बताया।
पुलिस की भूमिका
अभी तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव बरकरार है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।







