वाराणसी:
लोहता थाना क्षेत्र के विट्ठलपुर गाँव स्थित काशी नाथ भीटा के पास उस समय तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया, जब असामाजिक तत्वों ने हिंदी साहित्य के मूर्धन्य कवि स्वर्गीय सुदामा पांडेय ‘धूमिल’ की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया।
विट्ठलपुर स्थित धूमिल जी के स्मृति द्वार के समीप स्थापित उनकी प्रतिमा को नुकसान पहुँचाए जाने की खबर फैलते ही स्थानीय निवासियों, साहित्य प्रेमियों और उनके शुभचिंतकों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग उठने लगी।
गौरतलब है कि गत वर्ष 9 नवंबर 2025 को जिला पंचायत सदस्य सुनील सिंह द्वारा इस स्मृति द्वार और स्वर्गीय सुदामा पांडेय ‘धूमिल’ जी की प्रतिमा का भव्य अनावरण एवं स्थापना कराई गई थी।
स्थानीय ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने वाले अराजक तत्वों की जल्द से जल्द पहचान कर उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा प्रतिमा का पुनर्निर्माण कराया जाए।
रिपोर्ट – विजयलक्ष्मी तिवारी







