शाहजहाँपुर में पत्रकारों के विरोध मार्च का असर सिर्फ 24 घंटे में दिखा। एसओजी प्रभारी श्यामवीर सिंह लाइन हाजिर कर दिए गए। यह कार्रवाई बताती है कि जब पत्रकार एकजुट होते हैं, तो आवाज़ अनसुनी नहीं रहती।
हालांकि पत्रकार संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यह सिर्फ पहली कार्रवाई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के साथ सभी जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए पत्रकार होकर जो पत्रकारिता को हल्के में ले वह बुद्धिमत्ता सामाजिक से परे है आईडी कार्ड या संस्थान को हल्के में मत समझों क्योंकि आप आईडी के 😎 है कामकाजी के नहीं दम भरनेवाली भारतीय पत्रकार संघ अरुण मित्र दैनिक आशा प्रहरी समाचारपत्र खुद मिसाइल है
एकता ही सबसे बड़ी ताकत है।







