सकलडीहा,
सकलडीहा अधिवक्ता उपेन्द्र नारायण सिंह पर हुई जानलेवा हमला को लेकर तीसरे दिन गुरूवार को अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में विरोध जुलूस निकालकर तहसील गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रभारी राजस्व लिपिक के निलंबन और गिरफ्तारी की मांग किया। कार्रवाई नहीं होने पर आमरण अनशन और अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन की चेतावनी दिया। अधिवक्ताओ के विरोध प्रदर्शन को लेकर कोतवाल भूपेन्द्र निषाद पुलिस के साथ तैनात रहे। बीते चार दिनों से अधिवक्ता मेडिकल कॉलेज चंदौली में भर्ती है।
बीते सोमवार को तहसीलदार के चैंबर में तहसीलदार कार्यालय के मालबाबू प्रभारी राजस्व लिपिक और अधिवक्ता उपेन्द्र नारायण सिंह के बीच खतौनी संशोधन 38(2)की फाइल रोके जाने को लेकर आपस में विवाद होगया।
जिसमें अधिवक्ता के चेहरे और सीने में गंभीर चोट आने व खून बहते देख अधिवक्ता आक्रोशित होगये। लिपिक ने एसडीएम कार्यालय में घुसकर बाथरूम में छिप गया। एसडीएम के आश्वासन पर अधिवक्ता शांत होकर लिपिक के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराय।
अधिवक्ताओं ने तीन दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर गुरूवार की सुबह तहसील खुलते ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिला और तहसील प्रशासन से लिपिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाया।
इस मौके पर विरोध जताने वालों में बार अध्यक्ष अशोक यादव,रामराज सिंह यादव,अतुल सिंह,धरणीधर मिश्रा,सुरेन्द्र कांत मिश्रा,अजय रंजन,अंगद कुशवाहा,संजय सिंह,अरूण कुमार,प्रभुनाथ पाठक,डीपी सैनी,मनोज पांडेय,उमाशंकर,अखिलेश तिवारी सहित अन्य रहे।
रिपोर्ट – आलिम हाशमी







