एक चीनी मोबाइल एप जिसका नाम हम जानबूझकर यहां नहीं लिख रहा है क्योंकि अधिकांश लोग उसको टेस्ट करने का प्रयास करेंगे। ई-रिक्शा में लगने वाली चीनी बैटरी में ब्लूटूथ होता है यह एप उस ब्लूटूथ से कनेक्ट होकर ई रिक्शा को जहां चाहता है बंद कर देता है। ऐसे में ई रिक्शा संचालक और उसमें बैठी सवारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
सबसे बड़ी बात यह है कि ई-रिक्शा संचालन करने वाले अधिकांश लोग कम पढ़े लिखे हैं। इसलिए इस चीज को समझ नहीं पा रहे हैं और भी अपने ई रिक्शा की किसी तकनीकी कमी को समझकर मेंटेनेंस के लिए जाते हैं और जहां उनका उलटा खर्च करना पड़ता है। तकनीकी जानकारी के इस खेल में गरीब ई रिक्शा वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे बड़ी बात यह है कि लंबे समय से चीनी लिथियम बैटरी को लेकर देश में विरोध हो रहा है मेक इन इंडिया के बावजूद अधिकांश बैटरी चीन से ही आ रही है सरकार को जल्द से जल्द बैटरी के क्षेत्र में चीनी आधिपत्य को समाप्त करना होगा वरना वह दिन दूर नहीं कि कोई मोबाइल एप हमारे ई व्हीकल को सड़क पर जाम कर देगा। हम कुछ नहीं कर पाएंगे यह बहुत संवेदनशील मुद्दा है और इस पर तत्काल सरकार को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। आप लोग भी अपनी राय इस संबंध में जरूर रखिए।







