गाजीपुर के लाल शिवम यादव ने कमाल कर दिया है। वह सेना में लेफ्टिनेंट बनकर अपने गांव खूंटवा लौटे हैं। शाजियाबाद थाना क्षेत्र के सौरी पोस्ट में कोटवा गांव आता है, जहां के शिवम यादव रहने वाले हैं। लेफ्टिनेंट बनकर जब पहली बार वह गांव लौटे तो उनकी पिता राममिलन सिंह यादव और मां कुसुम यादव की आंखों में आंसू थे।
अपने गांव के लड़के की इतनी बड़ी कामयाबी देखकर गांव वाले बहुत प्रसन्न थे। बड़ी संख्या में लोग उनका स्वागत करने पहुंचे थे। लोगों ने फूलों की माला पहनाकर और गिफ्ट देकर लेफ्टिनेंट शिवम यादव का जोरदार स्वागत किया।

लेफ्टिनेंट शिवम यादव के जैसे ही गांव आने की खबर फैली बड़ी संख्या में लोग उनके घर पर आना शुरू हो गए। शिवम यादव की सफलता से हर कोई उत्साहित था और लोग लेफ्टिनेंट के साथ बारी-बारी से तस्वीर खिंचवा रहे थे। शिवम यादव ने लेफ्टिनेंट बनकर ऐसी मिसाल कायम की है जिससे आने वाली पीढ़ियां प्रभावित होंगी। लेफ्टिनेंट शिवम यादव की सफलता से बहुत सारे माता-पिता को प्रेरणा मिली है, नौजवान बच्चों को प्रेरणा मिली है।
लेफ्टिनेंट शिवम यादव के माता-पिता इस मौके पर काफी भावुक नजर आए। उन्हें अपने बेटे की सफलता पर गर्व है। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर शिवम यादव ने काफी मेहनत की थी जिसका फल उसे मिला है। ठीक इसी तरह बाकी बच्चे भी मेहनत करें तो जरूर सफलता हासिल की जा सकती है।







