चंदौली
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) द्वारा चलाए जा रहे “दलित चौपाल” अभियान की दूसरी कड़ी सोमवार को चंदौली जनपद के रामगढ़ ग्राम सभा में आयोजित की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने इसे एक महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक संवाद का रूप दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोजपा (रामविलास) उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष राजीव पासी रहे। चौपाल का आयोजन जिला अध्यक्ष गोविंद पासवान के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव आशुतोष सिंह गहरवार, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं एमएलसी प्रभारी वाराणसी प्रशांत श्रीवास्तव सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
चौपाल को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष राजीव पासी ने पासी-पासवान एवं समस्त दलित समाज से अपने अधिकारों और सम्मान की लड़ाई के लिए संगठित होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज का नेतृत्व समाज के भीतर से ही निकलना चाहिए और अब समय आ गया है कि लोग अपने नेतृत्व को स्वयं तैयार करें। उन्होंने नारा दिया
— “क्यों मांगें उधार, अब अपना नेता तैयार।”
राजीव पासी ने समाज के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि पासी-पासवान समाज के वीर राजाओं ने देश की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पूर्वजों ने देश और समाज की रक्षा की, उसी तरह आज समाज को मजबूत नेतृत्व और एकजुटता की आवश्यकता है।
उन्होंने “P3” (पंडित, पासी-पासवान एवं दलित समाज) की एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि इन वर्गों का संगठित होना उनके सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक है। साथ ही उन्होंने प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठन को मजबूत करने और समाज की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
गठबंधन को लेकर पूछे गए सवालों पर उन्होंने कहा कि दलित चौपाल के माध्यम से समाज की जो राय सामने आएगी, पार्टी उसका सम्मान करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन संबंधी अंतिम निर्णय राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के नेतृत्व में लिया जाएगा, जबकि संगठन विस्तार और जनसंपर्क का अभियान पूरे प्रदेश में लगातार जारी रहेगा।
इस अवसर पर जिला प्रभारी मुरारी पासवान, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष विवेक श्रीवास्तव, जिला प्रधान महासचिव प्रदीप खरवार समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने कहा कि यह अभियान केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में “दलित चौपाल” को प्रदेश की हर पंचायत, ब्लॉक और जनपद तक पहुंचाया जाएगा।







