इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और प्रतिनिधिमंडल के प्रमुखों ने दुनिया के सामने मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान पारंपरिक सुरक्षा के अलावा ऊर्जा, खाद्य, सप्लाई चेन और साइबर सुरक्षा तथा आतंकवादी नेटवर्क द्वारा इस्तेमाल की जा रही नई तकनीकों और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों पर भी चर्चा की गई।







