सकलडीहा,
सकलडीहा तहसील मुख्यालय होने के बाद भी सकलडीहा कस्बा सहित आसपास के एक लाख से अधिक की आबादी वाले गांवों को पेयजल की संकट से निजात नहीं मिल रहा है। दो दो ट्यूववेल होने के बाद भी बीते दो साल से एक ट्यूववेल से सुबह शाम महज दस से बीस मिनट पेयजल की आपूर्ति होती है। जरूरत पड़ने पर लोगों को कुआ और हैंडपंप का सहारा लेना पड़ता है। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी अनजान बने हुए है। जिसे लेकर लोगों में भारी आक्रोश है।
सकलडीहा तहसील मुख्यालय, विधान सभा होने के बाद भी बीते पांच साल से दो दो ट्यूववेल के संचालन को लेकर अधिकारी से लेकर जनप्रतिनिधि उदासीन है। चार पांच साल पूर्व में जल निगम की प्रथम ट्यूववेल खराब होने पर दो साल पूर्व में नई बोरिंग होने पर ट्यूववेल लगाया गया। लेकिन स्टार्टर और कनेक्शन नहीं जोड़े जाने से द्वितीय ट्यूववेल से पानी की टंकी आठ से दस घंटे बिजली होने पर भरा जाता है।
इसके बाद महज दस से बीस मिनट की सप्लाई के बाद पुन: बिजली आने पर पानी टंकी में भरा जाता है। ऐसे में सकलडीहाकस्बा,टिमिलपुर,तेन्दुई,सिरोहुपुर,ताजपुर,ईटवा,नागेपुर सहित आसपास गांव के एक लाख लोगों को पेयजल के लिए इंतजार करना पड़ता है। या फिर हैंडपंप व समरसेवल,कूंआ से पानी ले आना पड़ता है। जबकि बीते दो साल से व्यापारी से लेकर ग्रामीणों ने पेयजल के लिये स्टार्टर लगाकर कनेक्शन शुरू कराये जाने की मांग करते आ रहे है। इस बाबत अवर अभियंता रवि शर्मा ने बताया कि कार्यदायी संस्था को बताया गया है। पन्द्रह दिनों के अंदर चालू कराये जाने का आश्वासन दिया है।







