जौनपुर
धर्म रक्षा आंदोलन के कार्य कर्ताओं ने बिहार के आरा जिले में घटी इनकाउंटर की घटना के विरोध में जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा।
पत्रक के माध्यम से यह मांग की गई है कि प्रधान मंत्री इस घटना का सीधा संज्ञान लें। यह एक ऐसी घटना है जो आजाद भारत में आज तक कभी नहीं घटी। संगठन के सदस्यों ने भरत तिवारी के इनकाउंटर के लिए दोषी सभी पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के ऊपर हत्या का मुकदमा दर्ज करके कठोर कार्रवाई करने की मांग की।
पत्रक सौंपने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए चंद्र मणि पांडेय ने कहा संविधान यह व्यवस्था देता है कि किसी भी मामले में सजा देने का काम न्यायालय का होता है। दूसरी बात अगर कोई व्यक्ति कानून के सामने आत्म समर्पण कर दे तो उसे गोली नहीं मारी जा सकती। वह एक क्रांतिकारी नौजवान था जो गरीबों ,दलितों,पिछड़ों की समस्याओं को लेकर प्रशासन से लड़ रहा था
लेकिन प्रशासन ने उसको बदनाम करने के लिए पागल कहना शुरू कर दिया। मजबूर हो कर उसने हथियार उठा लिया,लेकिन अंत में पुलिस के सामने हथियार डाल दिया,फिर भी पुलिस ने उसकी हत्या कर दी। यह गैर कानूनी और आपराधिक मृत्य है।
इस अवसर पर योगेश कुमार द्विवेदी एड, शैलेन्द्र प्रजापति एड, सूर्य भूषण त्रिपाठी एड,विपिन कुमार पांडे एड, भगवंत सिंह,संतोष दुबे, मुकेश श्रीवास्तव आदि अनेक लोग उपस्थित रहे।









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