अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर गुरु्वार को जिलाध्यक्ष अजय कुमार सिंह कें नेतृत्व में जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं उ्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौपा गया।
जिलाध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने कहा कि कक्षा एक कक्षा आठ तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए टीईटी लागू करने संबंधी
एनसीटीई की अधिसूचना 23 अगस्त 2010 तथा उ्तर प्रदेश में 27
जुलाई 2011 से पहले नियुक्त ए्वं सेवारत शिक्षकों कों टीईटी
अनिवार्यता को थोपना नैसर्गिक न्याय और तत्कालीन नियुक्ति नियमों के
दिपरीत है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने उस समय लागू सभी सेवा नियमों को पूरा कर नियुक्ति प्राप्त की थी l वर्षों की सेवा के बाद यह कहना कि अयोग्य हैं और दो वर्ष के भीतर टीईटी उत्तीर्ण करना होगा, अन्यथा अनिवार्य सेवानिबृत्ति दी जाएगी, पूरी तरह अन्यायूर्ण है।
लंबे शिक्षण अनुभव, उत्कृषटसेवाओं ओर सम्मानजनक कार्यकाल को देखते हुए शिक्षा का अधिकार अधिनियम में आवश्यक संशोधन कर मानसूनसत्र में काून बनाकर पहले से सेवारत शिक्षकों को
टीईटी की अनिवार्मता से मुरक्त रखा जाय l
उन्होंनें कहा कि यादि शिक्षकों कें मान समान और सेवा सुरक्षा को लेकर सरकार ने सकारात्मक निर्णीय नही लिया तो संगठन व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
ज्ञापन कार्यक्राम में जिला कोषाध्यक्ष फैयाज अहमद, जिला संगठन मंत्री आदित्य सिंह रघुवंशी वीरेंद्र सिंह यादव, अखिलेश श्रीवास्तव,मनोज गुप्ता,अमरेंद्र पांडेय, नूर अख्तर अली, अवधेश प्रताप यादव, आनंद कुमार,कालिंदी पांडेय विवेक श्रीवास्तव, संदीप यादव,शाहनवाज़ अहमद, विमल सोनकर, रमेश चौरसिया, धर्मेंद्र राय, अल्ताफ अंसारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।







