चंदौली चकिया
अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बाल श्रम उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश की 141 ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित किया गया। इनमें जनपद चंदौली की 19 ग्राम पंचायतों को भी यह गौरव प्राप्त हुआ है।
श्रम विभाग एवं ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को लखनऊ स्थित मार्स ऑडिटोरियम, इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश को बाल श्रम मुक्त बनाने के संकल्प को दोहराया गया।
इस अवसर पर श्रम एवं रोजगार मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रदेश के आकांक्षी जिलों को वर्ष 2026 तक तथा शेष जनपदों को दिसंबर 2027 तक बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने कहा कि बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए शासन-प्रशासन, विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संगठनों तथा आम नागरिकों को मिशन मोड में कार्य करना होगा। सामूहिक प्रयासों से ही बच्चों को शिक्षा और सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान चंदौली जनपद के पांच ग्राम प्रधानों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इनमें धानापुर ब्लॉक के प्रहलादपुर ग्राम पंचायत के प्रधान आशुतोष सिंह, चकिया ब्लॉक के अमरा उत्तरी ग्राम पंचायत के प्रधान राजेश कुमार, शहाबगंज ब्लॉक के कालानी ग्राम पंचायत के प्रधान मुन्ना भास्कर, सदर ब्लॉक के नवही ग्राम पंचायत के प्रधान राजेंद्र कुमार गौतम तथा लीलापुर ग्राम पंचायत के प्रधान प्रद्युम्न प्रसाद शामिल रहे।
यह सम्मान श्रम एवं रोजगार मंत्री अनिल राजभर तथा अपर श्रमायुक्त सौम्या पांडेय द्वारा प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्रम प्रवर्तन अधिकारी चंद्र प्रकाश एवं डिस्ट्रिक्ट कंसलटेंट (श्रम विभाग) गणेश प्रसाद विश्वकर्मा के नेतृत्व में हुआ।
इस अवसर पर मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान की ओर से डिस्ट्रिक्ट लीड शहनाज़ बनो, देवेंद्र कुमार, अशोक कुमार तथा मुकेश कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
चंदौली की 19 ग्राम पंचायतों का बाल श्रम मुक्त घोषित होना जिले के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे बाल अधिकारों की सुरक्षा और शिक्षा के प्रति जागरूकता को नई मजबूती मिलेगी।
बाल श्रम उन्मूलन में चंदौली की बड़ी छलांग, 19 ग्राम पंचायतें हुईं बाल श्रम मुक्त घोषित।







