चन्दौली डीडीयू नगर समाज में आज भी ऐसे लोग मौजूद हैं जो जरूरतमंदों के दुख-दर्द को अपना समझकर मदद के लिए आगे आते हैं। ऐसी ही एक मिसाल डीडीयू नगर क्षेत्र में देखने को मिली, जहां आर्थिक तंगी और पारिवारिक संकट से जूझ रही एक बेटी की शादी टूटने के कगार पर पहुंच गई थी। इस कठिन समय में जिला पंचायत सदस्य एवं समाजसेवी बबीता यादव ने आगे बढ़कर न सिर्फ मदद का हाथ बढ़ाया, बल्कि अपने खर्चे पर पूरी रीति-रिवाज के साथ उसकी शादी भी संपन्न कराई।
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के तारनपुर गांव निवासी बेवा प्रेमा देवी की पुत्री धरती कुमारी की शादी पहले से तय थी। लेकिन करीब एक वर्ष पूर्व धरती के पिता का निधन हो जाने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो गई। शादी की तैयारियां ठप पड़ गईं और समय बीतने के साथ विवाह टूटने की नौबत आ गई। लड़का पक्ष की ओर से भी जल्द शादी कराने का दबाव बढ़ने लगा था।
अपनी परेशानी लेकर प्रेमा देवी समाजसेवी एवं जिला पंचायत सदस्य बबीता यादव, पत्नी चन्द्रशेखर यादव (रेलवे विभाग में टीटीई) के पास पहुंचीं। उन्होंने पूरी बात सुनने के बाद बेटी की शादी कराने का संकल्प लिया।
शनिवार को डीडीयू नगर स्थित सेंट्रल कॉलोनी के घोंघारे मंदिर में दोनों पक्षों की मौजूदगी में वैदिक रीति-रिवाज और पूरे सम्मान के साथ विवाह समारोह संपन्न कराया गया। शादी की सभी व्यवस्थाएं बबीता यादव और उनके परिवार द्वारा की गईं।
इस अवसर पर समाजसेवी एवं रेलवे विभाग में टीटीई चन्द्रशेखर यादव ने कहा कि बेटी की शादी पहले से तय थी, लेकिन पिता के निधन के बाद परिवार आर्थिक संकट में आ गया और विवाह लगातार टलता रहा। लगभग एक वर्ष तक कोई समाधान नहीं निकल पाया, जिससे शादी टूटने की आशंका बढ़ गई थी। ऐसे में परिवार की मदद करना उनका सामाजिक दायित्व था।
उन्होंने कहा कि “समाज में सक्षम लोगों को जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए खुलकर आगे आना चाहिए। किसी बेटी की शादी में सहयोग करना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है।”
क्षेत्र में इस मानवीय पहल की सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि ऐसे नेक कार्य समाज के लिए प्रेरणा हैं और जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बनते हैं।







