वाराणसी
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम अब ज़मीनी हकीकत बनती दिख रही है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने विकासखंडों का दौरा कर ‘लखपति दीदियों’ का हौसला बढ़ाया और उनकी स्वरोजगार इकाइयों का निरीक्षण किया। उनके साथ मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह भी मौजूद रहे।
आराजीलाइन के महमदपुर गांव में डीएम ने दोना-पत्तल यूनिट का निरीक्षण किया, जहां 30 मशीनों से उत्पादन हो रहा है। महिलाओं के प्रयासों से प्रभावित डीएम ने यूनिट को सोलर ऊर्जा से जोड़ने और सुरक्षा के लिए फर्स्ट एड बॉक्स रखने के निर्देश दिए।

सेवापुरी के करधना गांव में गुड़ निर्माण कर रहीं महिलाओं की मेहनत को सराहते हुए डीएम ने अलग शेड निर्माण और सड़क पक्की कराने के निर्देश दिए, ताकि उत्पादन और पैकेजिंग बेहतर तरीके से हो सके।
चोलापुर के सुन्गुलपुर में सीएसआर फंड से चल रही यूनिट्स का जायजा लेते हुए डीएम ने उत्पाद की गुणवत्ता जांच और महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया।
इस दौरान डीएम ने साफ कहा कि ‘काशी प्रेरणा’ ब्रांड को मजबूत करना प्राथमिकता है, इसके लिए संस्थानों से तालमेल बढ़ाया जाएगा।

पूरे दौरे में महिलाओं से सीधा संवाद कर उन्हें आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। यह पहल न सिर्फ महिलाओं की आय बढ़ा रही है, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था को भी नई ताकत दे रही है।
रिपोर्ट – विजयलक्ष्मी तिवारी







