वाराणसी। सत्र न्यायालय संजीव शुक्ला की अदालत ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर आगजनी व बवाल करने के मामले में तीन आरोपित को बड़ी राहत दे दी। ग्राम बिडड़ा, थाना मिर्जामुराद निवासी महात्मा बनवासी, जितेंद्र कुमार व गोलू बनवासी को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की दशा में 50-50 हज़ार रुपए की दो जमानतें एवं बन्धपत्र देने पर अग्रिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से फ़ौजदारी अधिवक्ता बंटी खान व अधिवक्ता रागिनी सिंह ने पक्ष रखा।
✨अभियोजन पक्ष के अनुसार 20 अक्टूबर 2025 को मिर्जामुराद थाना प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार पाण्डेय मय हमराह के साथ क्षेत्र में शान्ति व्यवस्था देख-रेख व दीपावली त्यौहार सकुशल सम्पन्न कराने के सम्बन्ध में थाना हाजा से रवाना होकर कछवाँ रोड अण्डर पास हाइवे पर मौजूद थे, तभी जरिये मोबाइल चौकी प्रभारी कछवाँ रोड उ०नि० गणेश प्रसाद पटेल ने समय करीब 23.30 बजे बताया कि दो पक्षो में किसी बात को लेकर ग्राम बिडड़ा पावर हाउस में विवाद हो गया है तथा आपस में मार पीट कर रहे है पुलिस बल की आवश्यकता है। इस सूचना पर प्रभारी निरीक्षक उच्चधिकारीगणो को अवगत कराते हुए पुलिस बल की मांग करते हुए अण्डर पास कछवाँ रोड से चलकर ग्राम बिडड़ा पहुँचा तो देखा कि स्थिति बहुत ही तनावपूर्ण है जरिये आरटी सेट / मोबाइल कन्ट्रोल रुम से अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की कुछ समय बाद प्रभारी निरीक्षक कपसेठी मय पुलिस बल के उपस्थित आये। दोनो पक्षो को समझाने बुझाने का हर सम्भव प्रयास किया गया, लेकिन उग्र होकर जान से मारने की नियत से पुलिस वालो पर पथराव कर दिये जिसमे कुछ पुलिस बल को चोटे आयी है तथा दोनो पक्ष में आपस में लड़ाई झगड़ा हुआ था, जिसमे महिला व पुरुषो को चोटे आयी थी। उनके इलाज हेतु सरकारी एम्बुलेस 108 को बुलाया गया था, जिसको बलवाईयो ने पथराव कर तोड़फोड़ किये व ड्राइवर के साथ भी गाली गलौज करते हुए मार पीट किये तथा आगजनी करने लगे, जिसमे उ०नि० कौशल किशोर की मोटर सायकिल होण्डा एसपी 125 थी, को पुरी तरह जला दिये तथा थोडी देर बाद थाना प्रभारी रोहनिया मय पुलिस बल के व थाना प्रभारी जंसा मय पुलिस बल के साथ व थाना राजातालाब के पुलिस बल मौके पर आये तब तक उन व्यक्तियो द्वारा एकाएक उग्र होकर बलवाइयो का रुप धारण करते हुए ललकारते हुए पुलिस वालो पर जान से मारने की नियत से ईट पत्थर लाठी डंडा व हथियारों से लैस होकर हमला कर दिये। पुलिस बल द्वारा लाउड हेलर से समझाने का काफी प्रयास किया गया, लेकिन वे सभी बलवाई जिसमे (पुरुष व महिलाये) उग्र होकर गाली गलौज देते हुए पुलिस बल को दौडा लिए सभी लोग हिकमत अमली से अपने को बचाते हुए भीड को नियंत्रित करने का प्रयास किये और काफी समझाने बुझाने का प्रयास किये, लेकिन बलवाई मानने को तैयार नहीं थे। जिस मामले में पुलिस ने शीला देवी समेत 16 लोग नामजद व 50/60 अज्ञात के ख़िलाफ़ मुकदमा पंजीकृत किया।







